पेट्रोल पर 10 रुपये और डीज़ल पर 13 रुपये बढ़ी एक्साइज़ ड्यूटी - प्रेस रिव्यू

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केंद्र सरकार ने मंगलवार देर शाम पेट्रोल पर 10 रुपये और डीज़ल पर 13 रुपये एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा की है. नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़ इस बढ़ोतरी का असर आम आदमी की जेब पर नहीं पड़ेगा.
अख़बार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट के बावजूद कंपनियों ने दाम नहीं घटाए थे. अब ये बढ़ोतरी उनसे एडजस्ट कर ली जाएगी.
लेकिन मंगलवार को ही दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर वैट बढ़ा दिया है. अब दोनों पर एक जैसा 30 फ़ीसदी वैट लगेगा. दिल्ली सरकार के इस फ़ैसले से दिल्ली में डीज़ल सात रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल के दाम 1.67 रुपये लीटर बढ़ गए हैं.
नए रेट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 71.26 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 69.39 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

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अभी तक कोरोना का सामुदायिक प्रसार नहीं: डॉ हर्षवर्धन
देश में संक्रमितों की संख्या में सबसे बड़ा उछाल मंगलवार को देखा गया है, जब एक दिन में सबसे अधिक 194 मौतें हुईं और 3875 संक्रमण के मामले सामने आए.
भारत में अब तक 46 हज़ार से ज़्यादा कोरोना पॉज़िटिव मामले आ चुके हैं और 1583 लोग कोरोना से मारे जा चुके हैं. लेकिन इन चिंताजनक आंकड़ों के बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन का कहना है कि देश में अभी तक कोरोना का सामुदायिक प्रसार यानी कम्यूनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है.
जनसत्ता अख़बार में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ हर्षवर्धन ने कहा कि भारत अब तक कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार को रोकने में कामयाब रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के कारण लोगों की आदतों में जो बदलाव आया है, वो इस महामारी की रोकथाम के बाद एक स्वस्थ समाज के लिए नया सामान्य आचरण होगा.
उन्होंने कहा कि अगर भारतीय अपनी दिनचर्या में हाथ धोने, सांस संबंधी और पर्यावरण स्वच्छता की आदत को बरक़रार रखते हैं, तो कोरोना संकट के बाद भविष्य में जब देश महामारी के इस काल को देखेगा तो इन आदतों को वह बुरे वक़्त में मिला वरदान मान सकता है.

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शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाक़ों में नेट यूज़र्स ज़्यादा
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार भारत के शहरों के मुक़ाबले गांवों में इंटरनेट यूज़ करने वाले लोगों की तादाद ज़्यादा हो गई है. भारत में ये पहली बार हुआ है.
अख़बार लिखता है कि इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (IMAI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार भारत के ग्रामीण इलाक़ों में 22 करोड़ 70 लाख इंटरनेट यूज़र्स हैं जबकि शहरों में ये संख्या 20 करोड़ 50 लाख है.
इसका अर्थ हैं कि गांवों में शहरों की तुलना में 10 फ़ीसदी अधिक नेट यूज़र्स हैं. ये आंकड़े नवंबर 2019 तक के हैं.
इसके साथ ही भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर गई है. इसके अनुसार पाँच साल से अधिक उम्र के सक्रिय इंटरनेट यूज़र्स की संख्या भारत में 50 करोड़ 40 हो गई है.

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कोरोना की वैक्सीन बनाने के क़रीब इसराइल?
हिंदुस्तान अख़बार में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इसराइल ने दावा किया है कि उसे कोरोना वायरस का टीका बनाने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है.
अख़बार के अनुसार इसराइल इंस्टीट्यूट ऑफ़ बायोलॉजिकल रिसर्च (आईआईबीआर) ने प्रयोगशाला में कोविड-19 का एंटीबॉडी ईजाद किया है, जो वायरस को निष्क्रिय करने के इम्तेहान में भी सफल रहा. इसराइल के रक्षा मंत्री नफ़्ताली बेनेट के अनुसार, "आईआईबीआर अब इसे पेटेंट कराने के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करेगी."
हालांकि रक्षा मंत्री ने ये नहीं बताया कि इस एंटीबॉडी का पशुओं और मानव परीक्षण भी पूरा किया जा चुका है या नहीं. आईआईबीआर इसराइल के प्रधानमंत्री के अधीन काम करने वाला गोपनीय शोध संस्थान है, जिसने जैव-रासायनिक हथियारों के साथ घातक तकनीक भी विकसित की हैं.
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दुनिया भर के 100 से ज़्यादा शोध संस्थान कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटे हैं और क़रीब एक दर्जन से ज़्यादा टीकों का मानव परीक्षण चल रहा है.
अमरीकी सरकार के शीर्ष सलाहकार डॉक्टर एंथनी फ़ाउची का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो कोरोना वायरस की वैक्सीन 12 से 18 महीनों में बाज़ार में आ सकती है.

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