कोरोना वायरस: गांव वालों के तानों से तंग आकर दिलशाद ने की आत्महत्या

इमेज स्रोत, Ashwani Sharma/BBC
- Author, अश्विनी शर्मा
- पदनाम, शिमला से, बीबीसी हिंदी के लिए
हिमाचल प्रदेश में तबलीग़ी जमात के लोगों के राज्यों में कोरोना वायरस के सुपर-कैरियर होने की ख़बरें आ रही हैं.
इस बीच ऊना ज़िले के गांव बनगढ़ में रविवार को शॉक और अविश्वास का माहौल पसर गया है.
37 साल के मुहम्मद दिलशाद ने अपने घर में आत्महत्या कर ली. गुजरे कुछ दिनों से वह गांववालों के तानों और सामाजिक भेदभाव का शिकार हो रहे थे.
हिमाचल प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) एस आर मरड़ी ने इस बात की पुष्टि की कि दिलशाद कोरोना टेस्ट में निगेटिव थे, लेकिन उन्हें गांव में कोरोना के डर के चलते सामाजिक भेदभाव का शिकार होना पड़ा था.
दिलशाद के भाई गुलशन मुहम्मद ने कहा, "दिलशाद पूरी तरह से बेकसूर थे. वह गांववालों के तानों से काफ़ी व्यथित थे. गांववाले उन पर कोरोना वायरस का कैरियर होने का शक जता रहे थे. दिलशाद की ग़लती महज इतनी थी कि वह एक ऐसे शख़्स के संपर्क में आए थे जो कि तबलीग़ी जमात से लौटा था और गांव की मस्जिद में ठहरा था."
बनगढ़ की ग्राम प्रधान प्रोमिला ने भी कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. पुलिस इस मामले की तफ़्तीश कर रही है. इसके बावजूद मुझे लगता है कि वह अपमानित महसूस कर रहे थे. वह एक अच्छे शख़्स थे और सामाजिक रूप से लोगों से जुड़े रहते थे. मुझे नहीं पता कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी ख़त्म करने का फ़ैसला क्यों किया."
रिपोर्ट निकली निगेटिव
उन्होंने स्वीकार किया कि दिलशाद को कोरोना वायरस का टेस्ट कराना पड़ा था. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वह निज़ामुद्दीन में जमात से लौटे कुछ लोगों के संपर्क में आए थे. इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को इस बारे में अलर्ट कर दिया और उनका टेस्ट कराया गया.
उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई. कुछ दिन पहले उन्हें घर पर ही क्वारंटाइन कर दिया गया जहां उनकी टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई. एक बेटी के पिता दिलशाद घर परिवार चलाने के लिए किचन कार्नर चलाते थे.
हिमाचल प्रदेश के डीजीपी ने यह भी कहा कि पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है. उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर ऐसा लग रहा है कि यह कोरोना वायरस के फैलने के डर से किए गए भेदभाव का मामला है.

इमेज स्रोत, Ashwani Sharma/BBC
रिपोर्ट के निगेटिव होने के बावजूद दिलशाद को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा था. कुछ गांव वाले उन्हें ताने भी मार रहे थे.
मर्दी ने लोगों से सामाजिक दूरी के सिद्धांत का पालन करने को कहा. उन्होंने कहा कि लोगों को सामाजिक भेदभाव नहीं करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यह कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ चल रही एक संयुक्त जंग में स्वीकार्य नहीं है क्योंकि यह किसी शख़्स या समुदाय के ख़िलाफ़ लड़ाई नहीं है.

- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस क्या गर्मी से मर जाता है?
- कोरोना ठीक होने के बाद दोबारा हो सकता है?
- कोरोना वायरस का आपकी सेक्स लाइफ़ पर क्या असर पड़ेगा?
- कोरोना वायरस: पांच बीमारियां जिनके प्रकोप ने बदल दिया इतिहास
- इटली का वो अस्पताल जो 'कोरोना अस्पताल' बन गया है
- कोरोना वायरस का संकट कब और कैसे ख़त्म होगा?
- कोरोना वायरस से कैसे जूझ रहा है पाकिस्तान
- कोरोना वायरस: इटली के बाद इस यूरोपीय देश पर छाया संकट
- कोरोना वायरस की चपेट में एक ऐसा देश जो त्रासदी को छिपा रहा है
- कोरोना से निवेशकों में दहशत, 10 लाख करोड़ गंवाए
- कोरोना वायरस: मास्क पहनना चाहिए या नहीं?
- सबसे व्यस्त रेल नटवर्क को बंद करने से कितना असर होगा?
- कोरोना वायरस: इन मुल्कों से सीख सकते हैं भारत और बाक़ी देश
- कोरोना वायरस केवल मुसीबत लेकर नहीं आया है...
- 'कोरोना वायरस की भारत में सुनामी आने वाली है'


इमेज स्रोत, GoI

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














