कोरोना वायरस: मज़दूरों को पाँच-पाँच हज़ार रुपए देंगे केजरीवाल- प्रेस रिव्यू

अरविंद केजरीवाल

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में जितने भी निर्माण कार्य से जुड़े मज़दूर हैं, उन सभी को 5-5 हज़ार रुपए दिए जाएंगे.

हिन्दुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को दूसरे पन्ने पर प्रमुखता से जगह दी है. केजरीवाल ने कहा कि इस वक़्त मज़दूरों की रोज़ी-रोटी चली गई है. सभी दिहाड़ी मज़दूर थे. निर्माण कार्य करने वाले सभी मज़दूरों को पाँच-पाँच हजार रुपए दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार को दिल्ली में लॉकडाउन किया गया और अब कर्फ़्यू जैसी स्थिति है.

केजरीवाल ने कहा, ''मैं समझ सकता हूं कि आप लोगों को बहुत तकलीफ़ हो रही होगी. हम आपकी तकलीफ़ पूरी तरह से ख़त्म नहीं कर सकते हैं, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आपकी दिक़्क़तें कैसे कम हों. आप सभी लोगों की ज़िंदगी बचाना बहुत ज़रूरी है. इसलिए इतने कठोर क़दम उठाए जा रहे हैं. मुझे बहुत ख़ुशी है कि बहुत सारे लोग आज के वक़्त एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं. यही हमारे भारत के लोगों की सबसे बड़ी ताक़त है.''

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जो भी मज़दूर दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स बोर्ड के तहत रजिस्टर्ड हैं उन्हें पाँच हज़ार मुआवज़े की राशि मिलेगी. हिन्दुस्तान टाइम्स से दिल्ली सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ''दिल्ली बीओसीडब्ल्यू के तहत क़रीब चार लाख मज़दूर रजिस्टर्ड हैं. पैसा सीधे उनके खाते में जाएगा. ज़्यादातर मज़दूर शहर दर शहर काम की तलाश में आते-जाते रहते हैं ऐसे में रक़म उनकी पहचान और सत्यापन के बाद ही मिलेगी.''

सरकार ने अन्य दिहाड़ी मज़दूरों के लिए कोई पैकेज नहीं दिया है.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने राशन कार्डधारियों को इस महीने के अंत तक 50 फ़ीसदी अतिरिक्त राशन देने की घोषणा की थी. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने विधवा, विकलांग और वृद्धावस्था पेंशन दोगुनी देने का आदेश दिया था. मतलब सात अप्रैल से इन लाभार्थियों को चार से पाँच हज़ार रुपए पेंशन के रूप में मिलेंगे.

कोरोना

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प्राइवेट लैब में भी कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि कोविड-19 की जांच के लिए 22 निजी लैब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) में रजिस्टर्ड हुए हैं. इनके देश भर में 15,500 कलेक्शन सेंटर हैं. इसके अलावा आइसीएमआर के नेटवर्क में 118 सरकारी लैब भी हैं. यह ख़बर द हिन्दू में छपी है.

इस नेटवर्क की क्षमता रोज़ाना 12 हज़ार सैंपलों की जांच करने की है. पिछले पाँच दिनों में सरकारी लैबों में प्रतिदिन औसतन 1,338 सैंपलों की जांच की गई. गुजरात, असम, झारखंड, राजस्थान, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कोविड-19 मरीज़ों के इलाज के लिए अस्पताल भी बनाए जा रहे हैं.

दिल्ली में तीन निजी लैब

दिल्ली में रोहिणी स्थित लाल पैथ लैब, सफ़दरजंग डेवलेपमेंट एरिया में स्थित डॉ. डैंग लैब और सरिता विहार स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की लैब को कोविड-19 की जांच की अनुमति प्रदान की गई है. केंद्र ने शनिवार को निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए अधिकतम शुल्क की गाइडलाइंस जारी की थीं, जिसमें अधिकतम शुल्क 4,500 रुपए रखने का प्रस्ताव किया गया था.

सिंधिया

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राज्यसभा चुनाव टला

कोरोना वायरस के चलते राज्यसभा के 26 मार्च को होने वाले चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. चुनाव की नई तारीख़ों की घोषणा बाद में होगी. इसके तहत मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड सहित सात राज्यों की 18 सीटों पर चुनाव होने थे. दैनिक जागरण ने इस ख़बर को प्रमुखता से तीसरे पन्ने पर छापा है.

राज्यसभा का यह द्विवार्षिक चुनाव वैसे तो कुल 55 सीटों पर होना था, लेकिन 37 सीटों पर एक ही प्रत्याशी के मैदान में खड़े होने से उन सभी का निर्विरोध निर्वाचन घोषित कर दिया गया.

फ़िलहाल जिन 18 सीटों पर चुनाव होने थे, उनमें बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, केसी वेणुगोपाल, शक्ति सिंह गोहिल जैसे बड़े चेहरे भी मैदान में हैं, जिन्हें कुछ समय के लिए अब और इंतज़ार करना होगा.

राज्यसभा चुनाव स्थगित करने के चुनाव आयोग के फ़ैसले के बाद राजनीतिक दलों की सांसें भी अटक गई हैं. ख़ासकर उन राज्यों में जहां इन चुनावों का मुक़ाबला काफ़ी कड़ा और दिलचस्प है. इनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं.

चुनाव स्थगित होने की ख़बर आते ही कांग्रेस नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. उन्होंने ट्वीट कर चुनाव आयोग के इस फ़ैसले पर नाख़ुशी जताई और कहा कि इससे बीजेपी को गुजरात और राजस्थान में हार्स ट्रेडिंग के लिए और समय मिलेगा.

गहलोत ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चुनाव स्थगित करने को लेकर राजनीतिक दलों से कोई चर्चा भी नहीं की गई. चुनाव आयोग ने साफ़ किया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने 11 मार्च को कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किया था और पिछले दो दिनों में पूरी तरह से किए गए लॉकडाउन को देखते हुए यह फ़ैसला लेना पड़ा है.

राज्यसभा का यह चुनाव फ़िलहाल जिन सात राज्यों की 18 सीटों के चुनाव होने थे उनमें मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मणिपुर और मेघालय शामिल हैं.

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