कोरोना: कनिका कपूर अब अस्पताल के लिए बनीं सिरदर्द

कनिका कपूर

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    • Author, समीरात्मज मिश्र
    • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए

लखनऊ में जिन कनिका कपूर की वजह से कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है और जिनकी वजह से न सिर्फ़ पूरे शहर बल्कि पूरे राज्य में हड़कंप मच गया, वही कनिका कपूर अब उस अस्पताल के लिए भी परेशानी का सबब बन गई हैं जहां उनका इलाज चल रहा है.

कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर कनिका कपूर को शुक्रवार को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में दाख़िल कराया गया था लेकिन एक दिन बाद ही स्थिति ऐसी हो गई कि अस्पताल को एक प्रेस रिलीज़ जारी करके उनसे सहयोग की अपील की गई है.

एसजीपीजीआई अस्पताल की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि कनिका को यहां हर संभव सुविधाएं दी जा रही हैं, बावजूद इसके वो एक मरीज़ की तरह नहीं बल्कि एक स्टार की तरह व्यवहार कर रही हैं.

पीजीआई के निदेशक प्रोफ़ेसर आरके धीमान ने बीबीसी को बताया, "हमने अस्पताल में उन्हें सबसे अच्छी सुविधा उपलब्ध कराई है, उन्हें एअरकंडीशन रूम दिया गया है जिसमें अटैच टॉयलेट है. साफ़-सफ़ाई का हर समय ध्यान रखा जा रहा है. कमरे में टीवी भी लगा है."

प्रोफ़ेसर धीमान कहते हैं, "पहले उन्होंने कहा कि मैं घर का खाना खाऊंगी लेकिन यह इस इलाज में संभव नहीं था. उनकी मांग पर यहां उन्हें ग्लूटन फ़्री फ़ूड दिया जा रहा है जो किचन में अलग से तैयार किया जाता है. उनकी आगे भी इसी तरह देखभाल की जाएगी लेकिन उन्हें भी यह सोचना चाहिए कि अस्पताल में वो एक मरीज हैं, स्टार नहीं."

कनिका कपूर

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कनिका कपूर ने लगाया था आरोप

दरअसल, कनिका कपूर ने एक न्यूज़ वेबसाइट से बातचीत में आरोप लगाए थे कि पीजीआई में उनसे एक अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उनका कहना था कि जिस कमरे में उन्हें रखा गया है उसमें गंदगी है और मच्छर आते हैं. कनिका का आरोप था कि जब डॉक्टरों से उसे साफ़ कराने के लिए कहा जाता है तो उनका जवाब होता है कि यह अस्पताल है, फ़ाइव स्टार होटल नहीं.

कोरोना वायरस
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इस मामले में कनिका के परिजनों से भी बात करने की कोशिश की गई लेकिन बातचीत संभव नहीं हो पाई. वहीं कनिका के ये आरोप सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगे.

माना जा रहा है कि इसी वजह से पीजीआई को यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है. पीजीआई के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कनिका को विशेष सुविधाएं देने के लिए कई 'बड़े' लोग भी अस्पताल और डॉक्टरों पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं.

क्या था मामला?

गायिका कनिका कपूर शुक्रवार को वह तब सुर्खियों में आईं जब उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला और जांच में उनकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. इससे पहले कनिका लखनऊ और कानपुर में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुकी थीं.

लखनऊ में ऐसी ही एक पार्टी में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके सांसद बेटे दुष्यंत सिंह, यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह जैसे तमाम हाई प्रोफ़ाइल मेहमान भी शामिल थे.

वसुंधरा राजे सिंधिया

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कनिका के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने की ख़बर मिलते ही लखनऊ में हड़कंप मच गया क्योंकि कनिका जिन लोगों के संपर्क में थीं, उनमें से कई लोग कई अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी शिरकत कर चुके थे.

लापरवाही बरतने और जानकारी छिपाने के आरोप में शुक्रवार देर रात कनिका के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज की गई.

लखनऊ के पुलिस आयुक्त सुजीत पांडे के मुताबिक़, सरोजनी नगर पुलिस स्टेशन में कनिका के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 269 (ख़तरनाक बीमारी का संक्रमण फैलाने) सहित दो अन्य धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की गई है. यह एफ़आईआर लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की गई है.

हालांकि, कनिका ने सोशल मीडिया पर इस मामले में सफ़ाई देते हुए कहा है कि वो एअरपोर्ट पर नियमित प्रक्रिया से होकर गुज़री थीं और जब उनमें बीमारी के लक्षण दिखे तो उन्होंने ख़ुद ही अपना टेस्ट कराया और परिवार समेत ख़ुद को आइसोलेशन में रख लिया.

इस मामले के सामने आने के बाद लखनऊ में कई जगहों पर बाज़ारों, दफ़्तरों और संस्थानों को 23 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है. इसके अलावा सभी रेस्तरां, ढाबे और कैफ़े भी 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं.

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