जीएसटी काउंसिल ने होटल के कमरों पर घटाया टैक्स, कैफ़ीन पेय पदार्थों पर बढ़ा

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कॉरपोरेट कंपनियों को टैक्स में छूट देने के फ़ैसले के बाद शुक्रवार को मोदी सरकार ने कई उद्योगों को जीएसटी में भी राहत दी.
गोवा में हुई जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक में कई बड़े फ़ैसले लेते हुए होटल और वाहन उद्योग जैसे कुछ क्षेत्रों को टैक्स में राहत देने का फ़ैसला लिया गया है. वहीं, कैफ़ीन वाले पेय पदार्थों और रेलगाड़ी के सवारी डिब्बों एवं वैगन पर जीएसटी का बोझ बढ़ाया गया है.
समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में समुद्री नौकाओं के ईंधन, ग्राइंडर, इमली और कुछ विशेष किस्म के रक्षा उत्पादों पर जीएसटी में छूट दी गई.

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होटल के कमरों पर जीएसटी घटा
बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि 1,000 से 7500 रुपये तक के होटल के कमरों पर जीएसटी की दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है. वहीं, 7,500 रुपये से अधिक के होटल कमरों पर 28 प्रतिशत की जगह पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा. एक हज़ार रुपये से कम के होटल कमरों पर कोई जीएसटी नहीं है.
उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद ने 28 प्रतिशत के जीएसटी के दायरे में आने वाले 10 से 13 सीटों तक के पेट्रोल वाहनों पर सेस को घटाकर एक प्रतिशत और ऐसे डीज़ल वाहनों पर सेस की दर को घटाकर तीन प्रतिशत किया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि समुद्री नौकाओं के ईंधन, ग्राइंडर, इमली और हीरा, रूबी, पन्ना या नीलम को छोड़कर अन्य कम कीमत वाले रत्नों पर टैक्स की दर घटाई गई है. साथ ही भारत में नहीं बनने वाले कुछ विशेष किस्म के रक्षा उत्पादों को भी जीएसटी से छूट दी गई है.

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कैफ़ीन पेय पदार्थों पर कुल 40 फ़ीसदी टैक्स
काउंसिल ने रेलगाड़ी के सवारी डिब्बे और वैगन पर जीएसटी की दर को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया है. कैफ़ीन वाले पेय पदार्थों पर जीएसटी की वर्तमान 18 प्रतिशत की दर की जगह 28 प्रतिशत की दर से टैक्स और 12 प्रतिशत का अतिरिक्त सेस लगाया गया है.
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बुने या बिना बुने पॉलीएथिलीन थैलियों पर एकसमान 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा.
वित्त मंत्री सीतारमण ने इससे पहले शुक्रवार को सुबह पणजी में ही अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए चौथे प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी.
इसमें घरेलू कंपनियों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और विनिर्माण क्षेत्र में नई फ़ैक्ट्री स्थापित करने वाले निवेशकों के लिए टैक्स में बड़ी रियायत दी गई है.
कॉरपोरेट टैक्स की दर को बिना किसी छूट के घटाकर 22 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है जबकि विनिर्माण क्षेत्र में एक अक्टूबर 2019 से स्थापित फ़ैक्ट्रियों पर कर की दर को 15 प्रतिशत किया गया है.
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