'बच्चा नहीं होने' पर महिला को ज़िंदा जलाने की कोशिशः आज की पांच बड़ी ख़बरें

महिला को जलाने की कोशिश

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बिहार में एक महिला को ज़िंदा चिता पर लिटा कर जलाने की कोशिश की गई. महिला के भाई का आरोप है कि उनकी बहन को बच्चा नहीं होने पर ससुरालवालों ने उसके साथ ऐसा किया.

मामला भोजपुर ज़िले के सारीपुर गांव का है. यहां सोन नदी के किनारे पहले महिला के साथ मारपीट की गई, उसके बाद जलाने का प्रयास किया गया.

लेकिन एक स्थानीय व्यक्ति की सूचना पर पुलिस मौक़े पर पहुंची और उसे बचाने में कामयाब रही. स्थानीय अख़बार प्रभात ख़बर के मुताबिक़ महिला के भाई गणेश ठाकुर का आरोप है कि उनकी बहन के साथ बच्चे की मांग को लेकर मारपीट होती थी.

बुरी तरह पिटाई के बाद महिला बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे ज़िंदा जलाने की कोशिश की गई है.

रंजन गोगोई

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सीबीआई के अंतरिम निदेशक मामले से अलग हुए जस्टिस गोगोई

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में एम नागेश्वर राव की नियुक्ति के ख़िलाफ़ दायर याचिका की सुनवाई से ख़ुद को अलग कर लिया है.

सोमवार को चीफ़ जस्टिस ने कहा कि वो जांच एजेंसी के नए निदेशक का चयन करने वाली समिति की 24 जनवरी को हो रही बैठक में हिस्सा लेंगे, इसलिए इस मामले की सुनवाई से ख़ुद को अलग कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति नए निदेशक का चयन करेगी.

आईआईटी

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अब 25 साल से ज़्यादा वाले भी दे सकेंगे आईआईटी की प्रवेश परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने 25 साल के अधिक उम्र वाले छात्रों को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बैठने की इजाज़त दे दी है.

चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को अपने फ़ैसले में कहा कि यह अंतरिम व्यवस्था होगी, मामले में अंतिम फ़ैसला बाद में तय होगा.

कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को एक हफ़्ते के लिए पोर्टल खोलने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्र परीक्षा के लिए आवेदन कर सकें.

छात्रों ने अधिकतम उम्र को कोर्ट में चुनौती दी थी.

आईडीबीआई

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एलआईसी का हुआ आईडीबीआई बैंक

लाइफ़ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (एलआईसी) ने आईडीबीआई बैंक में 51 फ़ीसदी हिस्सेदारी अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है.

इसके साथ ही आईडीबीआई अब एलआईसी का हो गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल अगस्त के महीने में एलआईसी को बैंक में नियंत्रक हिस्सेदारी ख़रीदने की मंज़ूरी दी थी.

बैंक हज़ारों करोड़ के घाटे में चल रही था.

टेरीजा मे

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ब्रिटेन में रह रहे ईयू के नागरिकों को फ़ीस नहीं चुकानी होगीः टेरीज़ा मे

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने ब्रेक्सिट को लेकर अपनी दूसरी योजना को सोमवार को संसद के सामने रखा.

टेरीज़ा मे ने कहा कि ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन में रह रहे यूरोपीय संघ के नागरिकों को फ़ीस नहीं चुकानी होगी. पहले सरकार ने इसके ज़रिये साढ़े छह करोड़ पाउंड जुटाने का अनुमान लगाया था.

लेकिन ब्रितानी प्रधानमंत्री ने ब्रेक्सिट पर नो डील के प्रस्ताव को फिर ख़ारिज कर दिया और कहा कि यूरोपीय संघ में एक और जनमतसंग्रह ब्रिटेन में सामाजिक एकजुटता को नुक़सान पहुँचा सकता है.

विपक्षी लेबर पार्टी एक संशोधन पेश करेगी, जिससे संसद को ब्रेक्सिट पर अन्य विकल्पों पर विचार करने का अधिकार मिलेगा.

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