'मज़ाक' के लिए महीने भर से जेल में है ये शख़्स

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- Author, सौतिक बिस्वास
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
41 साल का एक शख़्स क़रीब एक महीने से जेल में है. इसकी वजह है उस शख़्स के ज़रिए किए गए पांच व्यंग्यात्मक ट्वीट्स.
सितंबर में अभिजीत अय्यर मित्रा ने 13वीं सदी में बने ओडिशा स्थित कोणार्क मंदिर पर ट्वीट किया, जिसे 'अपमानजनक' बताया गया. अभिजीत दिल्ली स्थित रक्षा विशेषज्ञ हैं जिनके ट्विटर पर करीब बीस हज़ार फॉलोअर्स हैं.
उनके ट्वीट्स में मंदिर पर बनी नग्न आकृतियों पर टिप्पणी की गई थी. उन्होंने इन आकृतियों को 'अश्लील' बताया था. हालांकि थोड़ी ही देर में अभिजीत की सफ़ाई भी आ गई. उन्होंने कहा कि वह एक मज़ाक था और फिर अभिजीत ने उन्हीं आकृतियों को उत्कृष्ट बता दिया.
इससे पहले अभिजीत ने ट्वीट्स के ज़रिए ओडिशा के लोगों पर भी टिप्पणी की थी जिसके बाद दो स्थानीय लोगों ने उनके ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत की. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाए कि अभिजीत के ट्वीट से ऐतिहासिक मंदिरों के लिए मशहूर ओडिशा के चार करोड़ लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है.
हालांकि अभिजीत अय्यर मित्रा के ट्वीट्स पर लोगों की ओर से कोई विरोध प्रदर्शन वगैरह नहीं हुए. उनके 'आपत्तिजनक' कहे जा रहे ट्वीट्स में से एक को महज़ सात लाइक और एक रिट्वीट मिला है.
कई मुकदमे हुए दर्ज
भले ही अय्यर मित्रा के ट्वीट्स पर बहुत अधिक हल्ला ना मचा हो, लेकिन पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज कर लिए और वो 23 अक्टूबर से जेल में हैं.
उन पर धर्म और जाति के आधार पर दो अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य यानी बैर फैलाने के आरोप लगे हैं, धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक उपद्रव का माहौल तैयार करने के आरोप हैं.
अय्यर मित्रा पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने के आरोप भी लगे हैं. इतना ही नहीं, प्राचीन स्मारक सुरक्षा क़ानून के तहत उन पर कोणार्क मंदिर का ग़लत इस्तेमाल करने के आरोप तक लगाए गए हैं. साथ ही सूचना एवं तकनीकी क़ानून के तहत उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजने का दोषी भी ठहराया गया है.
और अगर इतने आरोप काफी नहीं हुए तो अय्यर मित्रा पर अंग्रेज़ों के जमाने का विवादित मानहानि क़ानून का भी इस्तेमाल किया गया है.
इन तमाम आरोपों में से कम से कम दो मामले ग़ैर-जमानती हैं और अगर अय्यर मित्रा दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें पांच साल जेल में गुजारने पड़ सकते हैं.

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अय्यर की माफ़ी
अय्यर मित्रा वैसे अपने ट्वीट्स के लिए पहले ही माफ़ी मांग चुके हैं. उन्होंने ओडिशा में न्यायालय के सामने कहा है, ''मैं अपनी बेवकूफी के लिए माफ़ी मांगता हूं.''
हालांकि इस माफ़ीनामे के बाद भी उन्हें ज़मानत नहीं मिली है. निचली अदालत अभियोजन की इस दलील से सहमत दिखी कि ज़मानत मिलने पर अय्यर मित्रा गवाहों को परेशान कर सकते हैं या सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं.
निचली अदालत ने अय्यर मित्रा की ज़मानत अर्ज़ी दो बार नामंज़ूर की है. यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी ज़मानत अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है.
इस मामले में अय्यर मित्रा के लिए हालात तब और ज़्यादा ख़राब हो गए जब ओडिशा में वकीलों की 78 दिनों की लंबी हड़ताल हो गई.
इस हड़ताल के चलते अय्यर मित्रा को अपनी ज़मानत की अर्जी खुद ही कोर्ट में देनी पड़ी.
मामले का राजनीतिकरण
धीरे-धीरे इस पूरे मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. दरअसल, अय्यर मित्रा ने जब कोणार्क मंदिर का वीडियो बनाया था तब वे एक पूर्व सांसद बैजनाथ 'जय' पांडा के निवास पर मेहमान थे.
पांडा को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी से बाहर कर दिया गया था. ऐसा माना जा रहा है कि अब नवीन पटनायक इस मामले के ज़रिए पांडा की परेशानी बढ़ा सकते हैं.

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पहले भी किए भड़काऊ ट्वीट
अय्यर मित्रा इंस्टीट्यूट ऑफ़ पीस एंड कंफ़्लिक्ट स्टडीज़ में काम करते हैं. वे सोशल मीडिया पर ठीक-ठाक सक्रिय रहते हैं.
अय्यर मित्रा को करीब से जानने वाले एक रिसर्चर ने बताया कि अय्यर मित्रा अक़्सर उत्तेजक बातें करते रहते हैं कि और वे इसे कभी छिपाते भी नहीं है, हालांकि उनकी बातें कई बार सही तो कई बार ग़लत भी होती हैं.
वैसे भले ही इस समय अय्यर मित्रा अपने ट्वीट के चलते जेल में हैं, लेकिन इसी साल की शुरुआत में उन्होंने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि अमरीकी इतिहासकार ऑड्री ट्रुश्की पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए क्योंकि उन्होंने हिंदू देवी देवताओं का अपमान किया है और धार्मिक भावनाएं आहत की हैं.
वहीं, अय्यर मित्रा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वामपंथियों को जेल में डालने संबंधी ट्वीट भी करते रहे हैं.
ख़ैर अय्यर मित्रा की गिरफ़्तारी पर कई लोगों का मत है कि ट्विटर पर मज़ाकिया अंदाज में कुछ लिखने पर अगर जेल हो जाए तो यह बोलने की आज़ादी पर पहरा है.
एमनेस्टी इंडिया ने ट्वीट किया है कि सरकार को अय्यर मित्रा को ज़मानत दे देनी चाहिए.
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वहीं पत्रकार कंचन गुप्ता ने ट्वीट किया है कि अय्यर मित्रा की गिरफ़्तारी साबित करती है कि भारत में स्वतंत्रता ख़तरे में है.
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अय्यर मित्रा की उनके मज़ाकिया ट्ववीट्स के चलते हुई गिरफ़्तारी संकेत है कि भारत में बोलने की स्वतंत्रता पर ख़तरा बढ़ने लगा है. इससे पहले भी कुछ पत्रकारों की गिरफ़्तारियां हुई हैं. स्वतंत्र मीडिया पर हमले हुए हैं कई मौकों पर इंटरनेट बंद कर दिया जाता है.
ये साल 1950 के सोवियत यूनियन जैसे हालात दर्शाते हैं जब वहां एक अध्यापक को जोक सुनाने के लिए जेल में डाल दिया गया था.
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