पांच बड़ी ख़बरें: 'हमने उकसाया नहीं था, कांस्टेबल ने सामने से सर पर गोली चला दी'

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लखनऊ में विवेक तिवारी की हत्या की प्रत्यक्षदर्शी सना ख़ान को पुलिस ने शुरू में मीडिया से बात नहीं करने दी मगर बाद में दबाव पढ़ा तो उन्हें पत्रकारों के सामने लाया गया.
सना ने इस घटना को पुलिसकर्मियों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा, "न तो हम रुके हुए थे और न ही आपत्तिजनक अवस्था में थे. हमारी ओर से कोई उकसावा नहीं था मगर कॉन्स्टेबल ने गोली चला दी."
सना ख़ान ने पत्रकारों से कहा, "हम कार्यक्रम से निकले और सर ने कहा कि वह मुझे घर छोड़ देंगे. मक़दूमपुर पुलिस पोस्ट के पास बाईं ओर से दो पुलिसवाले कार के बराबर आकर चलने लगे. वे चिल्लाए- रुको. मगर सर गाड़ी चलाते रहे क्योंकि रात का समय था और उन्हें मेरी सुरक्षा की चिंता भी थी."
सना ने कहा, "तभी इनमें से एक कॉन्स्टेबल बाइक से उतरा और लाठी से गाड़ी पर वार करना शुरू कर दिया मगर सर ने कार नहीं रोकी. दूसरे ने गाड़ी को ओवरटेक किया और 200 मीटर आगे जाने के बाद सड़क के बीच में बाइक रोक दी और हमें रुकने को कहा. हमारी कार कम गति से आगे बढ़ रही थी और फिर गाड़ी रोक दी. तभी कॉन्स्टेबल ने अपनी बंदूक़ निकाली और सामने से सर पर गोली चला दी. सर ने गाड़ी पर नियंत्रण खो दिया और वह आगे चलकर खंबे से टकराकर रुक गई. मैंने ट्रक ड्राइवरों को रोकने की कोशिश की. बाद में गाड़ी पर गश्त लगा रहे पुलिसकर्मियों ने हमें देखा और उनसे सर को अस्पताल ले जाने की गुज़ारिश की."

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"बेहद दबाव में थी सुषमा"
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि उन्हें भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बेहद दबाव में नज़र आ रही थीं.
दरअसल संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात होने वाली थी मगर भारत ने पाकिस्तान की ओर से कश्मीरी चरमपंथी बुरहान वानी पर टिकट जारी करने और चरमपंथियों द्वारा जम्मू कश्मीर में पुलिसकर्मियों की हत्या के विरोध में इस वार्ता से किनारा कर लिया था.
इसके बाद सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से भी सुषमा स्वराज जल्दी निकल गई थीं.
पीटीआई की ख़बर के अनुसार न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम में जब इस बारे में शाह महमूद कुरैशी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "अच्छा होता अगर हम एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते. लेकिन मैं उनके चेहरे पर बहुत ज्यादा तनाव देख पा रहा था. जब वह गईं, वह मीडिया से भी बात नहीं करना चाहती थीं. मैं दबाव साफ़ देख सकता था."
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अपनी घरेलू राजनीति के कारण पाकिस्तान से बात नहीं कर रहा है.

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कैमिकल जो ले सकता था लाखों की जान
इंदौर में एक ऐसी फैक्टरी का पता चला है जहां ऐसा कैमिकल बनाया जा रहा था जो 40-50 लाख लोगों की जान ले सकता था.
डारेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने डीआरडीई के वैज्ञानिकों की मदद से इस अवैध फैक्ट्री से 9 किलोग्राम फेंटानिल कैमिकल ज़ब्त किया है.
ये अवैध लैब अमरीका से नफ़रत करने वाला एक पीएचडी स्कॉलर कैमिस्ट चला रहा था.
पहली बार भारत से इस कैमिकल को ज़ब्त किये जाने की घटना सामने आई है. ये कैमिकल अगर त्वचा के माध्यम से शरीर में चला जाए या ग़लती से भी सूंघ लिया जाए तो इसकी 2 मिलिग्राम डोज़ ही जानलेवा साबित हो सकती है.

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कर्नाटक में एक महीने में सिर काट देने की तीसरी घटना
कर्नाटक के मंड्या ज़िले में एक आदमी ने झगड़े में किसी व्यक्ति के सिर को काट दिया और कटे हुए सिर को मलावल्ली पुलिस स्टेशन में लेकर पहुंच गया. इस महीने कर्नाटक में ये ऐसी तीसरी घटना है.
पुलिस ने बताया कि 24 साल के पशुपति ने 28 साल के गिरीश पर हमला किया और जब कथित रूप से गिरीश ने उसकी मां के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी की.
मंड्या के पुलिस अधीक्षक शिव प्रकाश देवराजु ने कहा कि अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसी ने गिरीश को मारा है. पुलिस फिलहाल जांच कर रही है.

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भारत के लिए ईरान का विकल्प ढूंढ रहा अमरीका
अमरीका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का अगला चरण चार नवंबर से लागू होने जा रहे हैं. ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि भारत की तेल की ज़रूरत को अमरीका समझता है इसलिए वह उसके लिए ईरान का विकल्प ढूंढ रहा है.
इस साल की शुरुआत में अमरीका ने 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से पीछे हटने का फ़ैसला लिया था और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे. अमरीका चाहता है कि चार नवंबर से भारत समेत अन्य देश ईरान से तेल आयात करना बंद कर दें.
अमरीका ने स्पष्ट किया है कि कोई भी देश अगर ईरान के साथ व्यापार करता है तो उसे अमरीका के बैंकिंग और निवेश सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा.
भारत वैसे तो संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को ही मानता है मगर फिर भी उसने ईरान से तेल का आयात घटा दिया है. लेकिन उसने यह भी साफ कर दिया है कि वह पूरी तरह से ईरान से तेल का आयात करना बंद नहीं कर सकता.
पीटीआई के अनुसार ब्यूरो ऑफ़ साउथ एंड सेंट्रल एशिया रीजन के प्रिंसिपल डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऐलिस वेल्स ने बताया, "अपने सभी दोस्तों और सहयोगियों से हम चर्चा कर रहे हैं कि इन प्रतिबंधों को कैसे क़ामयाब बना सकते हैं. हम जानते हैं कि भारत को काफ़ी तेल आयात करना पड़ता है. इसलिए इसे लेकर भी चर्चा हो रही है कि वैकल्पिक आपूर्ति कहां से की जाए ताकि हमारे दोस्त भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव न पड़े."
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