गुजरात: ख़ुद को फ़ौजी बताकर, 25 महिलाओं से ठगे लाखों रुपये

बीबीसी
इमेज कैप्शन, मुख्य अभियुक्त जूलियन सिन्हा (लाल टीशर्ट में)
    • Author, भार्गव पारेख
    • पदनाम, संवाददाता, बीबीसी गुजराती सेवा

अहमदाबाद (गुजरात) पुलिस ने कथित तौर पर एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ़्तार किया है जो महिलाओं को शादी करवाने का झांसा देकर उनसे पैसे ले चुका था.

पुलिस के अनुसार इस ठग ने कई तलाक़शुदा और विधवा महिलाओं से उनकी दोबारा शादी करवाने के नाम पैसे लिये थे.

पैसे ठगने के आरोपी, 42 साल के जूलियन सिन्हा एक फ़ौजी के बेटे हैं. उनके ख़िलाफ़ दर्ज हुई शिक़ायत के बाद अहमदाबाद पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया है.

जूलियन ने कथित रूप से वैवाहिक साइटों पर कई नकली खाते बना रखे थे और वो ख़ुद को एक सैन्यकर्मी बताया करता था. पुलिस ने बताया कि इन खातों के ज़रिये जूलियन तलाक़शुदा और विधवा महिलाओं को निशाना बनाता था.

जो महिलाएं उसकी प्रोफ़ाइल में दिलचस्पी दिखाती थीं, वो उनसे फ़ोन पर बातचीत शुरू कर देता था. जूलियन पर आरोप है कि उसने इन महिलाओं से धोखे से लाखों रुपये ले रखे थे.

अहमदाबाद में रहने वाली कविता नाम की एक महिला ने जूलियन सिन्हा के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज कराई है.

उन्होंने पुलिस को बताया, "आमतौर पर तलाक़शुदा महिलाएं सहानुभूति की तलाश करती हैं. जूलियन ऐसी महिलाओं के प्रति संवेदना ज़ाहिर करता था और उनके अकेलेपन का फ़ायदा उठाता था. इस तरह से उसने कई महिलाओं को अपना शिकार बनाया."

शिक़ायतकर्ता ने दावा किया कि जूलियन सिन्हा किसी भी महिला के संपर्क में आने से पहले उसकी आर्थिक पृष्ठभूमि की जाँच करता था और इसी आधार पर उन्हें निशाना बनाता था.

शिक़ायत में लिखा है, "जब महिलाएं जूलियन पर भरोसा करने लगती थीं तो वो ख़ुद को भारतीय फ़ौज का रिटायर्ड मेजर बताकर उनसे डोनेशन (चंदा) देने की माँग करता था. जूलियन ने इन महिलाओं से कहा था कि वो डोनेशन के पैसे को आतंकवाद के ख़िलाफ़ और सैन्य कल्याण के कार्यों में ख़र्च करेगा."

शिक़ायतकर्ता ने बताया कि जूलियन ने कई महिलाओं से कहा था कि आतंकवादियों के ख़िलाफ़ लड़ते हुए वो घायल हुआ था. मोबाइल फ़ोन पर उसने कुछ ऐसे वीडियो भेजे, जिनमें पैर पर चोटों के निशान दिखाई देते थे.

कविता ने बताया, "इस कहानी के बाद महिलाओं की सहानुभूति पाने के लिए जूलियन बताता था कि पैर में गंभीर चोटें लगने के कारण उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई."

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कविता कैसे ठगी गईं?

कविता ने बीबीसी को बताया कि जूलियन से उनकी दोस्ती एक वैवाहिक साइट के ज़रिए हुई थी.

कविता ने कहा, "वो कहता था कि उसके देशप्रेम के कारण उसकी शादी टूट गई. मैं उसकी कहानियों को सच मानते हुए उससे भावनात्मक रूप से जुड़ गई थी. उसने मुझसे कहा था कि वो सेना में मेजर था और कच्छ (गुजरात) में तैनात था."

"एक दिन उसने कहा कि उसका बैंक अकाउंट किसी वजह से ब्लॉक हो गया है और उसे तुरंत ही 49,500 रुपये की ज़रूरत है. उसने बताया था कि सेना उसे एक मकान देने वाली है, जिसके लिए उसे ये पैसे विभाग में जमा करने होंगे. जूलियन ने वादा किया कि वो अगले दिन शाम तक पैसे लौटा देगा, तो मैंने उसके अकाउंट में पैसे जमा करवा दिये."

कविता कहती हैं कि उस शाम के बाद जूलियन के फ़ोन आने कम हो गये. बल्कि जब भी कविता जूलियन को फ़ोन करतीं तो वो मैसेज पर उनसे और पैसे भेजने को कहता था.

जूलियन की इन हरक़तों पर कविता को शक़ होने लगा था तो उन्होंने जूलियन से कहा कि वो शादी से पहले उनके माता-पिता से मिलना चाहती हैं.

कविता कहती हैं, "उसने बताया था कि उसके पिता भी सेना से रिटायर्ड हैं और अहमदाबाद में ही 'स्वाधीनता बंगला' नाम की जगह पर रहते हैं. मैंने पड़ताल की तो पता चला कि उसके पिता विक्टर तो फ़ौज में थे, लेकिन जूलियन ने कभी सेना जॉइन नहीं की थी. साथ ही ये भी पता चल गया कि जूलियन ने मेरी तरह कई अन्य महिलाओं को भी अपना शिकार बनाया था."

कविता कहती हैं कि ये सब जानने के बाद उन्होंने साइबर सेल में शिक़ायत दर्ज कराई. वहीं दूसरी ओर वो लगातार जूलियन से फ़ोन पर बात भी करती रहीं.

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वो अपने ही जाल में कैसे फंसा?

जाँच में पुलिस ने ये पाया कि जूलियन ने कई वैवाहिक साइटों पर अपनी प्रोफ़ाइल बना रखी थी और वो अपना आईपी एड्रेस बदलता रहता था.

गुजरात साइबर सेल के इंस्पेक्टर जी एस जीदम ने बताया, "हमने कविता से कहा कि वो जूलियन से बात करती रहें. उसी दौरान हमें ये पता लगा कि वो कई दूसरी औरतों से भी संपर्क में है. ये सभी विधवा और तलाक़शुदा महिलाए थीं. जिस वक़्त वो कविता के संपर्क में था, उसी समय वो दिल्ली की एक महिला से भी बात कर रहा था. उस महिला से जूलियन ने तीन लाख रुपये डोनेट करने को कहा था."

जूलियन को पुलिस ने उसकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर अहमदाबाद के मोटेरा से गिरफ़्तार किया.

पुलिस ने बताया है कि जूलियन को साल 2016 में भी गिरफ़्तार किया गया था. उस वक़्त भी उनपर एक व्यवसायी महिला को धोखा देने के आरोप लगे थे. पुलिस का दावा है कि जूलियन ने ख़ुद को फ़ौजी बताकर उस महिला से तीस लाख रुपये लिए थे.

उस केस में साबरमती पुलिस ने जूलियन को गिरफ़्तार किया था. लेकिन बाद में उन्हें बेल पर रिहा कर दिया गया था.

पुलिस ने बताया कि जो जूलियन महिलाओं को ये कहता था कि उसने एमबीए करने के बाद फ़ौज जॉइन की. वो स्कूल में दसवीं क्लास भी पास नहीं कर सका था.

पुलिस को लगता है कि जूलियन ने अलग-अलग राज्यों की कम से कम 25 महिलाओं को ठगा है.

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ख़ुद को ऐसी ठगी से कैसे बचायें

स्मिता सेठ अहमदाबाद में 'मनपसंद मैरिज ब्यूरो' नाम की एक संस्था चलाती हैं.

वो कहती हैं, "किसी पर भी शादी करने के लिए भरोसा करने से पहले, उससे मिलें ज़रूर. दोनों परिवारों को मिलवायें. सामने वाले के परिवार का बैकग्राउंड जाँचना सभी की व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी है. अपने ब्यूरो में हम लोगों को बात करने की अनुमति तभी देते हैं जब एक बार उनके परिवार आपस में मिल लेते हैं."

अहमदाबाद में रहने वाली राधिका ऐसे ही एक मैरिज ब्यूरो के संपर्क में हैं. वो कहती हैं, "ऐसे मामले तभी सामने आते हैं जब लोग आँखें मूंदकर दूसरों पर भरोसा कर लेते हैं. बैकग्राउंड हमेशा चेक करना चाहिए. फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम का अकाउंट भी हमेशा चेक करना चाहिए. कई बार लोगों के पोस्ट और उनकी फ़्रैंड लिस्ट चेक करके भी काफ़ी कुछ जानने को मिलता है."

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