योगी सरकार का फ़ैसला, समय से पहले रिहा होंगे भीम आर्मी के चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण'

चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फ़ैसला लेते हुए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' को समय से पहले रिहा करने का निर्देश जारी किया है.

चंद्रशेखर को बीते साल सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था.

उन पर हिंसा भड़काने के आरोप थे. गृह विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रावण की मां की अपील पर विचार करते हुए उन्हें समय से पहले रिहा करने का फ़ैसला किया गया है.

भीम आर्मी

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मामले में चंद्रशेखर रावण सहित छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया था, जिनमें से तीन को पिछले सप्ताह रिहा कर दिया गया था.

फिलहाल चंद्रशेखर रावण के साथ जेल में बंद उनके दो सहयोगियों के रिहाई के भी निर्देश दिए गए हैं. चंद्रशेखर को एक नवंबर को रिहा किया जाना था.

भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजीत नौटियाल ने कहा है कि ये बहुजनों के संघर्ष की जीत है.

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क्या हुआ था सहारनपुर में

पिछले साल 05 मई को सहारनपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर शिमलाना में महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन किया गया था.

जिसमें शामिल होने जा रहे युवकों की शोभा यात्रा पर दलितों ने आपत्ति जताई थी और पुलिस बुला लिया था.

विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से पथराव होने लगे थे, जिसमें ठाकुर जाति के एक युवक की मौत हो गई थी.

इसके बाद शिमलाना गांव में जुटे हज़ारों लोग करीब तीन किलोमीटर दूर शब्बीरपुर गांव आ गए.

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जहां भीड़ ने दलितों के घरों पर हमला कर उनके 25 घर जला दिए थे. इस हिंसा में 14 दलित गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

घटना से आक्रोशित दलित युवाओं के संगठन भीम आर्मी ने 09 मई, 2017 को सहारनपुर के गांधी पार्क में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था.

इसमें क़रीब एक हज़ार प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे लेकिन प्रशासन की इजाज़त नहीं मिलने के कारण पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की.

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हिमाचल प्रदेश से गिरफ़्तार किए गए थे चंद्रशेखर रावण

चंद्रशेखर रावण ने उस वक़्त बीबीसी को बताया था कि पुलिस के रोकने के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ा और गई जगहों पर भीड़ और पुलिस में झड़पें हुईं.

इस दौरान एक पुलिस चौकी फूंक दी गई और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.

इन घटनाओं के बाद 21 मई, 2017 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया था, जिसमें चंद्रशेखर रावण सार्वजनिक रूप से सामने आए थे.

इसके तीन दिन बाद बसपा प्रमुख मायावती शब्बीरपुर के पीड़ित दिलत परिवारों से मिलने गई थीं.

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मायावती की सभा से लौट रहे दलितों पर ठाकुर समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया था, जिसमें 24 साल के एक दलित युवा की मौत हो गई थी.

जिसके बाद तनाव और हिंसा पर काबू न पाने के कारण सहारनपुर के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, एसएसपी और जिलाधिकारी को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने निलंबित कर दिया था.

08 जून, 2017 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण को हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ़्तार कर लिया था. उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धारा लगाई गई थी.

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