भीम आर्मी चीफ़ चंद्रशेखर गिरफ़्तार

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भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद 'रावण' को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से गिरफ्तार किया है.
चंबा जिले के एसपी वीरेंद्र तोमर ने बीबीसी से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम चंद्रशेखर को गिरफ्तार करके ले गई है.
इससे पहले बुधवार को भी पुलिस ने भीम आर्मी के दो पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था. दोनों पर
पुलिस चौकी में आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस और मीडिया पर हमले का आरोप है.
पांच मई को शब्बीरपुर गांव में दलितों के घर जलाए जाने के चार दिन बाद सहारनपुर में दलितों के प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद चंद्रशेखर पर कथित रूप से हिंसा भड़काने को लेकर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है.
हिंसक झड़प के दौरान एक राजपूत युवक की मौत हो गई थी.

हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भीम आर्मी और नक्सलियों के बीच संबंधों की जांच कराए जाने की बात कही थी.
राजपूत समुदाय की ओर से चंद्रशेखर के नक्सलियों से कथित संबंधों को लेकर ज़िला प्रशासन के पास शिकायत भी की गई है.
लेकिन चंद्रशेखर का दावा है- "हम अपने समुदाय के लिए संघर्ष कर रहे हैं. संविधान के दायरे में रहकर हक़ की आवाज़ उठाने पर प्रशासन मुझे नक्सली कहता है, तो मुझे इससे कोई गुरेज़ नहीं."
देहरादून से लॉ की पढ़ाई करने वाले चंद्रशेखर खुद को 'रावण' कहलाना पसंद करते हैं. इसके पीछे वो तर्क देते हैं- "रावण अपनी बहन शूर्पनखा के अपमान के कारण सीता को उठा लाता है लेकिन उनको भी सम्मान के साथ रखता है."
चंद्रशेखर कहते हैं, "भले ही रावण का नकारात्मक चित्रण किया जाता रहा हो लेकिन जो व्यक्ति अपनी बहन के सम्मान के लिए लड़ सकता हो और अपना सब कुछ दांव पर लगा सकता हो वो ग़लत कैसे हो सकता है."
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