'ताजमहल भारत मां के सपूतों की कमाई से बना': योगी आदित्यनाथ

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भारतीय जनता पार्टी के विधायक संगीत सोम के ताजमहल से जुड़े विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद पुरातात्विक महत्व को स्वीकार करने वाला बयान दिया है.
उन्होंने कहा है, "हमें इसकी तह में जाने की जरूरत नहीं है कि ताजमहल क्यों, किसने और किस उद्देश्य से बनाया. महत्वपूर्ण ये है कि ताजमहल भारत के मजदूरों और भारत माता के सपूतों के खून-पसीने की कमाई से बना हुआ है. वह एक पुरातात्विक इमारत है जिसका संरक्षण और संवर्धन जरूरी है. वह अपनी वास्तु के लिए विश्व विख्यात है."
पश्चिमी यूपी के सरधाना से विधायक संगीत सोम ने मेरठ में एक सभा को संबोधित करते हुए ताजमहल के बारे में कहा था, "कैसा इतिहास? उसको बनाने वाला हिंदुओं को मिटाना चाहता था."
उनके इस बयान की चौतरफा निंदा हुई और विपक्षी दलों ने भी बीजेपी पर निशाना साधा.

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ताजमहल के लिए 370 करोड़ की योजना
इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए ताजमहल के बारे में यूपी सरकार की योजना के बारे में जानकारी दी.
योगी ने कहा, "ताजमहल देखने वाले पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा का दायित्व यूपी सरकार का है. हम इसका निर्वहन करेंगे. मैं स्वयं 26 अक्टूबर को आगरा जा रहा हूं. हमने आगरा के लिए 370 करोड़ रुपये की एक कार्ययोजना बनाई है."
उन्होंने कहा, "खासतौर पर ताजमहल का निर्माण लकड़ी के बड़े बड़े स्लैब नींव पर हुआ है. यमुना में अविरल पानी बहने के दौर में पानी आते-जाते रहने से ये नींव मजबूत बनी हुई थी. लेकिन यमुना के पानी में कमी आने की वजह से आज इन स्लैब में सिकुड़न है. ऐसे में वहां पर रबर डैम बनाने, रिवर फ्रंट का निर्माण और किले और ताजमहल के बीच रास्ते के निर्माण की कार्य-योजना तैयार की गई है."

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ताजमहल को लेकर हालिया विवाद की शुरुआत तब हुई जब राज्य सरकार की पर्यटक स्थलों की सूची से इसे बाहर कर दिया गया था.
कुछ दिन पहले धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री लक्ष्मी नारायन चौधरी ने सूची से ताजमहल को बाहर किए जाने को सही ठहराया था और इसकी जगह गुरु गोरखनाथ पीठ को रखने की दलील थी.
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