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मुस्लिम छात्र से बोलीं DPS टीचर, 'योगी सरकार है, बच कर रहो'
- Author, रोहित घोष
- पदनाम, कानपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
कानपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में 11वीं क्लास के आत्महत्या की कोशिश करने वाले छात्र के परिवार ने कुछ चौंकाने वाले दावे किए हैं.
छात्र पर स्कूल में बंदूक ले जाने का आरोप था, जिससे दुखी होकर छात्र ने नींद की गोलियां खाकर फ़िनाइल पिया और कलाई की नस काट ली. अस्पताल में इलाज के बाद छात्र फतेहपुर अपने घर लौट गया है.
छात्र की मां नज़राना बेग़म ने बीबीसी से फोन पर बताया, ''मेरे बेटे ने दो महीने पहले ही कानपुर के डीपीएस में दाख़िला लिया था. वो अपनी मौसी के यहां रहते हुए पढ़ रहा था. स्कूल के कुछ टीचर्स ने मेरे बेटे को बहुत बुरी तरह प्रताड़ित किया. उन्होंने उसके बैग की तलाशी और ये तक कह दिया कि वो बंदूक लेकर स्कूल आया है.''
'योगी सरकार है, बचकर रहो'
छात्र की मौसेरी बहन आयतन भी डीपीएस कल्याणपुर में पढ़ती हैं.
आयतन ने बताया, ''मेरे भाई को रोज स्कूल में परेशान किया जाता था. बैग में बंदूक के शक़ में उसकी तलाशी ली गई. उसने पूछा कि क्या मैं कोई आतंकवादी हूं. जवाब में टीचर ने कहा- रजिस्टर खो गया है. वो टीचर दसवीं क्लास को पढ़ाती हैं और मेरा भाई 11वीं में हैं. वो चोरी का आरोप कैसे लगा सकती हैं.''
आयतन ने आरोप लगाया, ''स्कूल के टीचर्स मेरे भाई को अक्सर ताना मारते थे कि अब उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार है और वो बच के रहे.''
इस मामले में जब हमने स्कूल का पक्ष जानने की कई बार कोशिशें की, लेकिन स्कूल प्रशासन ने इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया.
पुलिस ने क्या कहा?
इस घटना के बाद छात्र के परिवार ने कानपुर के स्वरूपनगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है. स्वरूपनगर इलाक़े में तैनात डीएसपी मनोज गुप्ता ने बीबीसी को बताया, "हमारे संज्ञान में आया है कि दिल्ली पब्लिक स्कूल के एक छात्र ने ख़ुदकुशी करने की कोशिश की है. "
मनोज गुप्ता ने जो बातें बताईं हैं, वो निम्न हैं-
- छात्र के घरवालों ने चार अध्यापकों के ख़िलाफ़ ख़ुदकुशी के लिए उकसाने करने का आरोप लगाया है.
- जो भी दोषी होगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. छात्र का सुसाइड नोट मिला है. उसने स्कूल और टीचरों को दोषी ठहराया है.
- इस वक्त यह कहना ग़लत होगा कि स्कूल ही दोषी है. हर पक्ष से बात होगी और हर पहलू की जांच होगी.
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