शशिकला के मामले में कब क्या हुआ

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता.

इमेज स्रोत, AFP

अन्नाद्रमुक महासचिव वीके शशिकला पर चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें और दो अन्य को दोषी ठहराया.

इस मामले में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता पर भी आरोप था. लेकिन निधन की वजह से उन्हें बरी कर दिया गया.

जयललिता का पिछले साल पांच दिसंबर को निधन हो गया था. शशिकला को बेंगलुरु में आत्मसमर्पण करना होगा.

आइए जानते हैं कि इस मामले में कब क्या हुआ.

1996 : जनता पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष सुब्रहमण्यम स्वामी ने एक मामला दर्ज कराया. उन्होंने जयललिता पर आरोप लगाया कि 1991 से 1996 तक तमिलनाडु का मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 66.65 करोड़ की संपत्ति जमा की. यह उनके आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है.

सात दिसंबर 1996 : जयललिता को इस मामले में गिरफ्तार किया गया.

अन्नाद्रमुक वीके शशिकला.

इमेज स्रोत, AFP

1997 : इस मामले में जयललिता और तीन अन्य के ख़िलाफ़ चेन्नई की एक अदालत में मुक़दमा शुरू हुआ.

चार जून 1997 : चार्जशीट में इन लोगों पर आईपीसी की धारा 120 बी, 13 (2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) (ई) के तहत आरोप लगाए गए.

एक अक्तूबर 1997 : तत्कालीन राज्यपाल एम फ़ातिमा बीबी की ओर से मुकदमा चलाने को दी गई मंजूरी की चुनौती देने वाली जयललिता की तीन याचिकाएं मद्रास हाई कोर्ट में खारिज.

अगस्त 2000 तक 250 गवाहों की गवाही हुई, केवल 10 बचे रहे.

मई 2001: विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक को स्पष्ट बहुमत मिला. जयललिता मुख्यमंत्री बनीं. लेकिन उनकी नियुक्ति को चुनौती दी गई. इसका आधार बनाया गया अक्तूबर 2000 में तमिलनाडु स्माल इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (टीएएनएसआई) मामले में उन्हें दोषी ठहराया जाना. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियुक्ति रद्द की.

साल 2016 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेतीं जयललिता.

इमेज स्रोत, IMRAN QURESHI

21 फ़रवरी 2002 : जयललिता आंदीपट्टी विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में विजयी हुईं और मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

2003 : द्रमुक महासचिव के अनबझगम ने इस मामले को कर्नाटक स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली. उनका कहना था कि जयललिता के मुख्यमंत्री रहते तमिलनाडु में इस मामले की निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है.

18 नवंबर 2003 : सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक मामले को बेंगलुरु ट्रांसफ़र किया.

19 फ़रवरी 2005 : कर्नाटक सरकार ने राज्य के पूर्व महाधिवक्ता बीवी आचार्य को इस मामले में विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया.

अक्तूबर-नवंबर 2011 : जयललिता विशेष अदालत में पेश हुईं और 1339 सवालों के जवाब दिए.

जयललिता.

इमेज स्रोत, PTI

12 अगस्त 2012 : आचार्य ने इस मामले में विशेष सरकारी वकील के रूप में काम करने में असमर्थता जताई. कर्नाटक सरकार ने जनवरी 2013 में उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया.

दो फ़रवरी 2013 : कर्नाटक सरकार ने जी भवानी सिंह को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया.

26 अगस्त 2013 : कर्नाटक सरकार ने इस मामले से भवानी सिंह को हटाने की अधिसूचना जारी की.

30 सितंबर 2013 : सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक सरकार की अधिसूचना रद्द की.

भारत की सुप्रीम कोर्ट.

इमेज स्रोत, AP

12 दिसंबर 2013 : विशेष अदालत ने द्रमुक महासचिव की अपील पर जयललिता से 1997 में बरामद मूल्यवान वस्तुओं और अन्य संपत्तियों को चेन्नई में आरबीआई के खजाने में जमा कराने को कहा.

27 सितंबर 2014 : विशेष अदालत ने अपने फ़ैसले में जयललिता और शशिकला समते तीन को दोषी ठहराया. जयललिता को चार साल की जेल और 100 करोड़ रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई.

29 सितंबर 2014 : जयललिता ने कर्नाटक हाई कोर्ट में विशेष अदालत के फ़ैसले को चुनौती देकर जमानत की मांग की.

सात अक्तूबर 2014 : हाई कोर्ट में जमानत याचिका खारिज.

नौ अक्तूबर 2014 : जयललिता ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की. 14 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट को तीन महीने में सुनवाई पूरी करने को कहा.

जयललिता के समर्थक.

18 अक्तूबर 2014 : 21 दिन जेल में बिताने के बाद जयललिता रिहा हुईं.

11 मार्च 2015 : जयललिता की अपील पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने आय से अधिक मामले में अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा.

27 अप्रैल 2015 : द्रमुक महासचिव ने कर्नाटक हाई कोर्ट से फ़ैसला सुनाने की अपील की.

आठ मई 2015 : कर्नाटक हाई कोर्ट ने अधिसूचित किया कि जस्टिस सीआर कुमारस्वामी की विशेष अवकाशकालीन पीठ जयललिता की अपील पर 11 मई 2015 को फ़ैसला सुनाएगी.

11 मई 2015 : कर्नाटक हाई कोर्ट ने जयललिता और तीन अन्य को बरी कर दिया.

23 जून 2015 : आय से अधिक मामले से जयललिता को दोषमुक्त किए जाने को कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.

जयललिता के समर्थक.

इमेज स्रोत, PTI

27 जुलाई 2015 : कर्नाटक सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता को नोटिस जारी किया.

23 फ़रवरी 2016 : जयललिता को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू की.

सात जून 2016 : जयललिता के खिलाफ आय से अधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुरक्षित किया.

पांच दिसंबर 2016 : लंबी बीमारी के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का निधन.

14 फ़रवरी 2017: सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला और दो अन्य को दोषी करार दिया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)