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.....क्योंकि सास बहू को नहीं मिली राहत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुचर्चित टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का प्रसारण जारी रखने को लेकर अदालत में गए बालाजी टेलीफ़िल्म्स को कोई राहत नहीं मिली है. मुंबई हाई कोर्ट ने इस सीरियल का प्रसारण रोकने के स्टार प्लस के फ़ैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया है. बालाजी टेलीफ़िल्म्स ने स्टार प्लस के नोटिस पर रोक लगाने की अदालत से अपील की थी. स्टार प्लस छह नवंबर से इस चर्चित सीरियल का प्रसारण बंद कर रहा है. स्टार प्लस ने बालाजी फ़िल्म्स की मालिक एकता कपूर को नोटिस भेजा था और कहा था कि क्योंकि सास.....की टीआरपी में लगातार गिरावट आई है. अनुबंध स्टार प्लस ने बालाजी के साथ हुए अनुबंध का हवाला दिया जिसके मुताबिक़ अगर सीरियल की टीआरपी ज़्यादा गिरती है कि इस आधार पर उसका प्रसारण बंद किया जा सकता है. लेकिन बालाजी टेलीफ़िल्म्स की दूसरी दलील थी. उसका कहना था कि स्टार प्लस ने इस सीरियल की लोकप्रियता बनाए रखने के लिए पर्याप्त विज्ञापन नहीं दिए. स्टार प्लस पर 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का प्रसारण पिछले आठ साल से किया जा रहा है. स्टार प्लस को लोकप्रिय बनाने में इस सीरियल की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है. कुछ दिनों के अंदर बालाजी को दूसरा झटका लगा है. हाल ही में उसका एक और लोकप्रिय सीरियल 'कहानी घर घर की' भी बंद हो गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सास-बहू को बचाने की आख़िरी कोशिश02 नवंबर, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस लोगों के लिए है वापसी: स्मृति ईरानी21 अप्रैल, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस भारतीय धारावाहिकों पर रोक15 अप्रैल, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस स्मृति फिर एकता के आंगन में03 अप्रैल, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस स्मृति ईरानी के साथ एक मुलाक़ात27 जनवरी, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस अब 'राजश्री' की दूसरी पारी27 अप्रैल, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस गब्बर सिंहः 'तोहार का होई रे कालिया'19 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'जस्सी' का चेहरा पोस्टकार्ड पर भी01 सितंबर, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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