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गब्बर सिंहः 'तोहार का होई रे कालिया' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
'तेरा क्या होगा कालिया' या 'कितने आदमी थे', गब्बर सिंह के ये डायलॉग अब शायद कुछ इस तरह होंगे-- 'तोहार का होई रे कालिया' या 'केतना आदमी रहे'. ‘के’ अक्षर को एकता कपूर शायद अपने लिए लकी मानती हैं लेकिन उनकी इस फ़िल्म का नाम ‘कोले’ या फिर ‘कब्बर सिंह’ नहीं बल्कि गब्बर सिंह है. रामगोपाल वर्मा शोले की रीमेक तो बना ही रहे हैं, अब घर-घर में सास-बहू के टकराव को टीवी के ज़रिए पहुँचाने वाली एकता कपूर इसे भोजपुरी में बना रही हैं. इस फ़िल्म का नाम भले ही अलग है लेकिन एकता कपूर की इस फ़िल्म को 'शोले' का तीसरा संस्करण ही माना जा रहा है. तो क्या राम गोपाल के लिए यह प्रतिस्पर्धा होगी? इस पर राम गोपाल वर्मा हंसते हुए कहते हैं, “मेरी फ़िल्म तो फ्लॉप हो जाएगी”. इसके अलावा वे आज़ाद देश का हवाला देते हुए कहते हैं, “हम एक आज़ाद देश में रहते हैं और हर किसी को अपने मनमुताबिक काम करने की पूरी छूट है”. भले ही इस फ़िल्म के किरदार फाइनल नहीं हुए हैं लेकिन बॉलीवुड से लेकर मीडिया तक इसकी अटकलों का बाज़ार गर्म हैं. रवि किशन, मिथुन चक्रवर्ती, नाना पाटेकर जैसे बड़े नामों पर भी चर्चा जारी है. नाम तय नहीं भोजपुरी फ़िल्मों के सुपरस्टार रवि किशन का इस फ़िल्म में होना तय माना जा रहा है.
रवि किशन कहते हैं, “मेरे लिए यह एक बहुत ही बड़ी फ़िल्म होगी. असल में ये फ़िल्म गब्बर सिंह की आत्मकथा पर आधारित होगी जिसकी ज़्यादातर शूटिंग बिहार में होगी. मेरे ख़याल से यह फ़िल्म भोजपुरी की सबसे बड़ी हिट होगी”. लेकिन इस फ़िल्म के निर्देशक और बालाजी फ़िल्म्स के ज़्यादातर धारावाहिकों के लेखक महेश पांडे की मानें तो अभी तक रवि किशन या किसी और को फ़िल्म के लिए साइन नहीं किया गया है. ये कहते हैं “रवि किशन को हमने साइन किया है लेकिन गब्बर सिंह के लिए नहीं बल्कि किसी और फ़िल्म के लिए”. “अभी तक हमनें किसी भी कलाकार को फाइनल नहीं किया है. कई बड़े लोगों के नामों पर चर्चा चल रही है लेकिन अभी तक किसी का नाम पक्का नहीं हुआ है”. पॉज़िटिव एक बातचीत में एकता कपूर ने कहा कि वो इस फ़िल्म को लेकर काफ़ी पॉज़िटिव हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि वो दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेंगी. इस फ़िल्म के किरदारों के बारे में वे कहती हैं, “अभी फ़िलहाल स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है और इसके बाद हम किरदारों को चुनने का काम करेंगे”. महेश पांडे इस बात को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि "शोले का न ही रीमेक बन सकता है और न ही फिर उसे उस तरह कोई बना सकता है. मेरी फ़िल्म उससे प्रभावित ज़रूर है लेकिन कहानी एकदम नई है. किरदारों के नाम भी जय, वीरू और बसंती ही रहेंगे लेकिन इसके अलावा कुछ नए किरदार भी जोड़े जाएँगे." महेश कहते हैं, “मेरी फ़िल्म ऐसी होगी जो असली गब्बर को भुला देगी. शोले के मशहूर ट्रेन सीन के लिए हम पांच कैमरा सेटअप लगाने के बारे में विचार कर रहें हैं”. इस फ़िल्म को भी राम गोपाल वर्मा की 'शोले' के दिन ही रिलीज करने की बात चल रही है और शायद यह अभी सवाल ही होगा कि आख़िर बाज़ी कौन मारेगा? महेश कहते हैं, "अगर रामू के पास अमिताभ, अजय देवगन जैसे कलाकार हैं तो हमारे पास अच्छी कहानी और मनपसंद गाने होंगे. ये बात भले ही उन्हें मज़ाक लगे लेकिन मेरे लिए यह एक चुनौती है जिसमें मैं सफल भी होऊंगा." खैर, फिलहाल इंतज़ार हो रहा है 20 नवंबर यानी तुषार कपूर के जन्मदिन का जिस दिन इस फ़िल्म के कलाकारों के नामों की घोषणा होने की उम्मीद है. | इससे जुड़ी ख़बरें शोले की बात ही कुछ ऐसी है...01 सितंबर, 2004 | पत्रिका पाकिस्तान में शोले और देवदास 13 अक्तूबर, 2004 | पत्रिका नए रूप में भी धमाका कर रही है शोले 19 अगस्त, 2004 | पत्रिका लंदन में मची बॉलीवुड सितारों की धूम30 अगस्त, 2004 | पत्रिका मेरी फ़िल्मों के पाँच दौरः अमिताभ | भारत और पड़ोस लोकार्नो में भारत की धूम21 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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