BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 15 अप्रैल, 2008 को 14:35 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
भारतीय धारावाहिकों पर रोक
भारतीय धारावाहिक
भारतीय धारावाहिक अफ़ग़ानिस्तान में तीन साल से दिखाये जा रहे हैं
अफ़ग़ानिस्तान में पाँच भारतीय टीवी धारावाहिको को न दिखाने के निर्देश सोमवार रात से लागू हो गए हैं. ये निर्देश अफग़ान सरकार ने दिए थे.

मगर कुछ चैनलों ने इन निर्देशों की अनदेखी कर दी है और वे लोकप्रिय कार्यक्रमों का प्रसारण अब भी कर रहे हैं.

ये फ़ैसला अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने मुस्लिम धार्मिक नेताओं और राजनीतिक नेताओं के सुझाव पर लिया है, जिनका कहना है कि ये धारावाहिक मुस्लिम भावनाओं और अफ़ग़ान सभ्यता के ख़िलाफ़ हैं.

दरी भाषा में डब किए गए भारतीय सीरियल अफ़ग़ानिस्तान में काफ़ी लोकप्रिय हैं.

कहा जा रहा था कि हाल ही में ख़त्म हुई कड़ाके की सर्दी में भी लोग अपने जेनेरेटर में तेल भरने पर ख़ूब पैसा ख़र्च कर रहे थे ताकि वो इन धारावाहिकों को लगातार देख पाएं.

 इन टीवी कार्यक्रमों का अफ़ग़ान लोगों की ज़िंदगी से कोई सरोकार नहीं और लोग इन्हें पसंद भी नहीं करते इसलिये इन पर रोक लगा दी जानी चाहिए
हामिद करज़ई, अफ़ग़ान राष्ट्रपति

इन धारावाहिकों से अफ़ग़ान संवेदनाओं को ठेस न पहुँचे इसके लिये इनमें कई बदलाव किए जाते हैं. हिंदू धार्मिक वस्तुओं को तकनीकी मदद से छुपा दिया जाता है और अगर कहीं किसी अभिनेत्री का 'ज़रूरत से ज़्यादा' शरीर दिखे तो उसे भी धुँधला कर दिया जाता है.

अफ़ग़ानिस्तान के टोलो टीवी के मुजाहिद काकड़ कहते हैं, "अफ़ग़ानिस्तान को तीस साल के युद्ध ने तबाह कर दिया है. इन धारावाहिकों से लोगों को मनोरंजन मिलता है."

लेकिन हाल ही में अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा, "इन टीवी कार्यक्रमों का अफ़ग़ान लोगों की ज़िंदगी से कोई सरोकार नहीं और लोग इन्हें पसंद भी नहीं करते इसलिये इन पर रोक लगा दी जानी चाहिए."

वैसे इस मसले पर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय है. ये धारावाहिक अफ़ग़ानिस्तान में 2005 में प्रसारित होने शुरु हुए थे और तभी से ये काफ़ी लोकप्रिय हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
प्रेस की ज़िम्मेदारी का भी सवाल
03 मई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
स्मृति ईरानी के साथ एक मुलाक़ात
27 जनवरी, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस
सबसे तेज़, सबसे आगे या....सबसे पीछे
12 मई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
'सब्ज़ी बेचकर क्रांति की बात करते चैनल'
05 अगस्त, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>