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होली के रंग, गीतों के संग... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
होली के कुछ प्रसिद्ध गीत जब फागुन रंग झमकते हों परियों के रंग दमकते हों नाच रंगीली परियों का मुँह लाल गुलाबी आँखें हों जब फागुन रंग झमकते हों - नज़ीर अकबराबादी ********************** बहुत दिन बाद कोयल लगी है कैरियां आमों में -त्रिलोचन
*********************** गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में नहीं यह है गुलाले सुर्ख़ उड़ता हर जगह प्यारे, गुलाबी गाल पर कुछ रंग मुझको भी जमाने दो, है रंगत जाफ़रानी रुख़ अबीरी कुमकुम कुछ है, रसा गर जामे-मय ग़ैरों को देते हो तो मुझको भी, -भारतेन्दु हरिश्चन्द्र |
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