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राहुल राजेश की कविताएँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंद आँखों में बंद आँखों में एक ठहर गया वक़्त है बंद आँखों में वह सब कुछ है
खुली आँखों में खुली आँखों में ऐसा कुछ भी नहीं **** ख़िलाफ़ एक लड़की है जो हर पल उसका प्रेमी अभी-अभी गया है यूएसए एक लड़की हर दिन सिर नवाती है उसका प्रेमी करता है नौकरी अहमदाबाद में एक लड़का है जो रोज़ मत्था टेकता है उसकी प्रेमिका रोज़ जाती है खेत में घास काटने एक लड़की है असम की जो हर शाम उधर सीमा पर तैनात एक फौजी एक लड़का है जो चाहता है वह हर रात उसे लिखती है ख़त एक लड़का नित दिन करता है प्रार्थना एक मैं हूँ जो दिन-रात कर रहा हूँ प्रार्थना एक लड़की है जो प्रेम में लगातार गुनगुनाती इतनी सारी सच्ची प्रार्थनाओं के बावजूद गोलबंद है पूरी की पूरी दुनिया ***** प्रेम में जीवन
प्रेम में हम ऐसे क्षणों को प्रेम में हम ऐसे दृश्यों को प्रेम में हम ऐसी दुनिया को प्रेम में हम ऐसे समय को प्रेम में हम ऐसे प्रेम को जो कभी नहीं आता जीवन में! **** आतंक जैसे नहीं बचे नहीं बची उनमें **************************** |
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