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शुक्रवार, 21 दिसंबर, 2007 को 05:51 GMT तक के समाचार
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दर्शकों के बीच 'तारे ज़मीन पर'

तारे ज़मीन पर
फ़िल्म 'तारे ज़मीन पर' बच्चों से जुड़े सवालों पर आधारित है
बच्चों पर बॉलीवुड में फ़िल्में कम ही बनी हैं पर शुक्रवार को रिलीज़ हुई आमिर ख़ान की फ़िल्म 'तारे ज़मीन पर' इसी कड़ी में एक और नाम है.

आमिर ख़ान की यह नई फ़िल्म बच्चों पर आधारित तो है पर सही मायने में यह फ़िल्म बच्चों के लिए ही नहीं, बड़ों के लिए भी है क्योंकि यह फ़िल्म बच्चों से जुड़े तमाम सवालों से बड़ों को रूबरू कराएगी और उन्हें इन सवालों को समझने का मौक़ा देगी.

बतौर निर्माता-निर्देशक आमिर ख़ान की यह पहली फ़िल्म होगी इसलिए आमिर इसे लेकर ख़ासे उत्साहित नज़र आ रहे हैं. फ़िल्म आमिर ख़ान प्रोडक्शन के बैनर तले तैयार हुई है.

इस फ़िल्म के बारे में बीबीसी से अपनी बातचीत में आमिर ने बताया कि तीन बरस पहले अमोल गुप्ते इस फ़िल्म की कहानी लेकर उनके पास आए थे. उस वक्त उन्हें इस फ़िल्म की कहानी बहुत पसंद आई थी और तभी उन्होंने इस फ़िल्म पर काम करने का फ़ैसला कर लिया था.

वैसे आमिर इंडस्ट्री में कम पर चुनिंदा फ़िल्में करने के लिए मशहूर हैं. 'लगान', 'मंगल पांडे', 'फ़ना', 'रंग दे बसंती' जैसी फ़िल्मों में अलग कहानी और अभिनय के लिए आमिर को प्रशंसा मिलती रही है.

पर इस फ़िल्म के नाम के पीछे तो दूसरे ही ख़ान हैं. जी हाँ, फ़िल्म का यह नाम कैसे सूझा, यह पूछने पर आमिर बताते हैं कि उन्हें ठीक तरह से तो याद नहीं पर शायद अमोल गुप्ते और सलमान ख़ान ने ही उन्हें यह नाम सुझाया था.

निर्देशक आमिर

आमिर ख़ान बताते हैं कि दूसरों को हिदायतें देना और निर्देशित करना तो आसान काम है पर ख़ुद का निर्देशन बहुत कठिन होता है. दरअसल, फ़िल्म में निर्देशन के अलावा आमिर अभिनय भी कर रहे हैं.

फ़िल्म 'तारे ज़मीन पर'
आमिर की बतौर निर्माता-निर्देशक यह पहली फ़िल्म है

आमिर इस फ़िल्म की कहानी और निर्माता-निर्देशक के तौर पर अपनी पहली पेशकश को लेकर ख़ासे उत्साहित हैं.

फ़िल्म की कहानी ऐसे बच्चों पर आधारित है जिन्हें किसी भी बात को समझने या फिर याद करने में काफी मुश्किल होती है.

आमिर इन बच्चों के स्कूल में टीचर बनकर आते हैं और इन बच्चों को कड़ाई और सज़ा के बजाय समझ और रचनात्मक तरीकों से पढ़ाने की कोशिश करते हैं.

इस बारे में आमिर बताते हैं, "मैंने यह फ़िल्म उन माता-पिता या अभिभावकों के लिए बनाई है जो यह समझते हैं कि अगर बच्चे को कुछ समझ में नहीं आ रहा है या वो पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं तो उन्हें मारपीट, डांट या कड़ाई से सिखाया जा सकता है."

और आमिर की फ़िल्म में ऐसे बच्चे की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई है आठ बरस के दरशील सफ़ारी ने. फ़िल्म में यह बच्चा इशान के नाम से नज़र आएगा.

फ़िल्म के लिए गीत लिखे हैं प्रसून जोशी ने जिन्हें शंकर इशान लॉय की तिकड़ी ने अपनी धुनों से सजाया है.

'तारे..' बनाम 'वेलकम'

फ़िल्म 'तारे ज़मीन पर'
बच्चों से जुड़े विषयों पर बॉलीवुड में फ़िल्में कम ही बनती हैं

वैसे आमिर की 'तारे..' के साथ ही एक और फ़िल्म भी शुक्रवार को रिलीज़ हो रही है और वो है वेलकम.

कई बड़े किरदारों और फॉर्म में चल रहे अक्षय कुमार वाली यह कॉमेडी फ़िल्म भी दर्शकों को अपनी ओर खींचेगी.

हाँ मगर आमिर इसे लेकर ज़्यादा चिंतित नहीं दिखते, कम से कम मीडिया के सामने तो नहीं.

आमिर इस बारे में कहते हैं कि उनकी फ़िल्म तो एकदम अलग विषय पर बनी है और इसलिए किसी तरह के मुक़ाबले की कोई बात नहीं है.

'तारे ज़मीन पर' के बाद आमिर की अगली फ़िल्म होगी 'गजनी'.

'गजनी' के अलावा आमिर की प्रोडक्शन कंपनी एक और फ़िल्म 'जाने तू या जाने न' भी बना रही है जिसमें आमिर के भांजे इमरान पर्दे पर उतरेंगे.

फिलहाल 'तारे ज़मीन पर' लोगों के सामने है. देखना यह है कि यह फ़िल्म बतौर निर्माता-निर्देशक आमिर की किस्मत के तारे चमकाती है या फिर उन्हें दिन में तारे दिखाती है.

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