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'रंग दे बसंती' को बाफ़्टा में नामांकन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म रंग दे बसंती को ब्रिटिश एकेडेमी ऑफ़ फ़िल्म एंड टेलीविज़न ऑर्ट्स अवार्ड (बाफ़्टा) में विदेशी फ़िल्मों की श्रेणी में नामांकन मिला है. आमिर ख़ान अभिनीत इस फ़िल्म को भारत में भी काफ़ी सराहना मिली थी. इस फ़िल्म को भारत की ओर से ऑस्कर में भी भेजा गया है. हाल ही में संपन्न स्टार स्क्रीन अवार्ड्स में भी इस फ़िल्म को कुल आठ पुरस्कार मिले. बाफ़्टा समारोह इस साल 11 फरवरी को आयोजित किए जाएँगे जिसमें पुरस्कृत फ़िल्मों की घोषणा की जाएगी. विदेशी फ़िल्मों की श्रेणी में रंग दे बसंती का मुक़ाबला है वॉल्वर, पैन्स लैबिरिन्थ, एपोकैलिप्टो और ब्लैक बुक जैसी फ़िल्मों से है. राकेश ओमप्रकाश मेहरा की रंग दे बसंती में आमिर ख़ान के अलावा सोहा अली ख़ान, सिद्धार्थ, शरमन जोशी, कुणाल कपूर ने भी काम किया है. इस फ़िल्म में ब्रितानी कलाकार एलिस पैटन ने भी काम किया है. एलिस पैटन ने इस फ़िल्म में एक युवा ब्रितानी फ़िल्मकार की भूमिका निभाई है जो भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव पर एक फ़िल्म बनाना चाहती है. इसी सिलसिले में वह भारत आती है और उसका सामना तीन ऐसे युवकों से होता है जिन्हें अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास नहीं है और वे अपना समय मौज-मस्ती में गुज़ारते हैं. इस फ़िल्म को काफ़ी सराहना मिली लेकिन फ़िल्म के आख़िर में हिंसा का सहारा लेने के कारण कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति भी उठाई थी. फ़िल्म की रिलीज़ से पहले वायु सेना को भी फ़िल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति थी. | इससे जुड़ी ख़बरें ऋतिक और करीना ने बाज़ी मारी07 जनवरी, 2007 | पत्रिका ऑस्कर के लिए जाएगी 'रंग दे बसंती'25 सितंबर, 2006 | पत्रिका 'रंग दे बसंती' के बाद नहीं चढ़ा दूसरा रंग09 सितंबर, 2006 | पत्रिका बॉलीवुड में छाई हरियाली15 जुलाई, 2006 | पत्रिका कई सामयिक विषयों को उठाती फ़िल्म26 जनवरी, 2006 | पत्रिका 'रंग दे बसंती' को मिली हरी झंडी10 जनवरी, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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