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रविवार, 19 अगस्त, 2007 को 10:59 GMT तक के समाचार
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कॉमेडी और रोमांस से भरपूर है 'हे बेबी'

हिंदी फ़िल्म 'हे बेबी' का एक दृश्य
साजिद ख़ान 'हे बेबी' फ़िल्म से निर्देशन की पारी शुरू कर रहे हैं
हिंदी फ़िल्म 'हे बेबी' के साथ साजिद ख़ान अपनी निर्देशन की पारी की शुरुआत करने जा रहे है. उनकी इस फ़िल्म में कॉमेडी और रोमांस का एक खूबसूरत नज़ारा दर्शकों को देखने को मिलेगा.

फ़िल्म की कहानी में औरतों के प्रति आदमी के नज़रिए को दिखाने की कोशिश की गई है.

फ़िल्म में अक्षय कुमार, फ़रदीन ख़ान,रीतेश देशमुख और विद्या बालन के साथ-साथ एक छोटी बच्ची भी आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं.

फ़िलम की कहानी ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी की है जिसमें आरुश, लय और तन्मय नाम के तीन नौजवान हैं. ये तीनों बिंदास तरीके से अपना जीवन जी रहे हैं.

इन तीनों की ज़िंदगी में उस वक़्त उथल-पुथल मच जाती है जब इन्हें दरवाज़े पर एक छोटी बच्ची मिलती है.

अब उनके लिए इस बच्ची की देखभाल करना एक बड़ी मुसीबत का काम है. वे तीनों एक ऐसी महिला की तलाश करते हैं जो इस बच्ची की देखभाल कर सके.

इस नई माँ की तलाश में कई रोचक मोड़ आते हैं.

निर्देशन

साजिद खान ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि उन्हें 'हे बेबी' का निर्देशन करके बड़ा मज़ा आया.

विद्या बालन
विद्या बालन इस फ़िल्म में मुख्य अभिनेत्री हैं

उनका कहना है,"मैंने कभी सोचा नहीं था कि निर्देशक बनूँगा. बस कोई भी फ़िल्म देखकर थिएटर से बाहर निकलते वक्त सोचता था कि यार अगर इसी फ़िल्म को मैं बनाता तो इस सीन को ऐसे शूट करता."

उन्होंने आगे बताया, "धीरे-धीरे यह विचार मेरे दिमाग में घर कर गया कि मुझे भी एक फ़िल्म बनानी चाहिए. फिर मैंने धीरे-धीरे फ़िल्म की स्क्रिप्ट लिखनी शुरु की."

फ़िल्म के कलाकारों के बारे में बताते हुए साजिद कहते हैं, "अक्षय, फ़रदीन और रीतेश तीनों मेरे बड़े गहरे दोस्त हैं. जैसे ही मैंने उन लोगों के सामने ये प्रस्ताव रखा वो झट से मान गए. शायद दोस्ती की वजह से मुझे ये फ़ायदा मिला. विद्या बालन इस रोल के लिए मेरी पहली पसंद थीं."

इस फ़िल्म के निर्माण के वक़्त सेट पर छह महीने की एक बच्ची आकर्षण का मुख्य केंद्र रही.

साजिद हँसते हुए बताते हैं,"पूरी यूनिट इस बच्ची के पीछे रहती थी. हमारा पूरा काम उसके सोने और जागने पर ही निर्भर था. फ़िल्म की शूटिंग में तयशुदा कार्यक्रम से 15 दिन अधिक लगा और फ़िल्म थोड़ा ओवर बजट भी हो गई लेकिन मज़ा बहुत आया."

साजिद को पूरी उम्मीद है कि ये फ़िल्म दर्शकों को बहुत पसंद आएगी.

उन्होंने कहा कि फिल्म देखने के दौरान जहाँ आप एक तरफ़ हँसी के ठहाके लगा रहे होंगे वहीं दूसरी तरफ़ आपकी आंखों में कहीं न कहीं आँसू भी होंगे.

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