|
'शोले नहीं देखता तो निर्देशक नहीं बनता' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़िल्मकार राम गोपाल वर्मा की नई फ़िल्म 'रामगोपाल वर्मा की आग' की कहानी शोले की रिमेक है. पुरानी कहानी को नए ज़माने और नए रूप में दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा. राम गोपाल वर्मा को पूरा भरोसा है कि ये फ़िल्म तीस साल पहले बनी शोले का जादू बरकरार रखेगी. सदी के महानायक अमिताभ बच्चन एक नए अवतार के साथ इस फ़िल्म का खास आकर्षण रहेंगे. बॉलीवुड में इस समय पुरानी क्लासिक फ़िल्मों के रिमेक का दौर जारी है. सत्तर के दशक की मशहूर फ़िल्म शोले का रिमेक लेकर अब लोगों के सामने हाज़िर हैं निर्माता-निर्देशक राम गोपाल वर्मा. शोले के प्रशंसक
वैसे तो रामू सिनेमा जगत में अपने अलग-अलग प्रयोगों के लिए पहले से ही खासे चर्चित हैं लेकिन शोले को लेकर उनके दिल में ख़ास जगह है. बल्कि राम गोपाल वर्मा का तो यहाँ तक कहना है कि अगर उन्होंने शोले नहीं देखी होती तो वो शायद कभी निर्देशक ही नहीं बन पाते. अपनी इस नई फ़िल्म के बारे में रामू ने बीबीसी से लंबी बातचीत की. राम गोपाल वर्मा मानते हैं कि उनकी फ़िल्म 'राम गोपाल वर्मा की आग' की कहानी सत्तर की क्लासिक फिल्म शोले पर आधारित है. वो कहते हैं, "देखिए राम गोपाल वर्मा की आग की कहानी का प्लॉट शोले से लिया गया है लेकिन आज इतने साल बीत चुके हैं. इस बीच समय काफ़ी कुछ बदल गया है,लोगों की सोच,रहन-सहन में भी काफ़ी बदलाव आया है. ऐसे में मैने पुरानी शोले को नए ज़माने के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया है. " बातचीत के दौरान रामू शोले के प्रति अपने विशेष प्रेम को छुपा नहीं पाते. वो कहते हैं कि शोले पहली ऐसी फ़िल्म थी जिसे देखने के बाद उनका फ़िल्मी दुनिया से पहला साक्षात्कार हुआ था. वो ज़ोर से ठहाका लगाते हुए कहते हैं, "शोले में गब्बर सिंह का वो डायलॉग ये हाथ मुझे दे दे ठाकुर मुझे बहुत रोमांचित करता है." नए अंदाज़ में अमिताभ फ़िल्म में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार अमिताभ बच्चन बिल्कुल अलग अंदाज़ में दर्शकों के सामने आएंगे. रामू अमिताभ से काफ़ी प्रभावित हैं. उनका कहना है, "अमित जी एक लीजेंड हैं, उनके अभिनय में बड़ी गहराई है. मुझे बब्बन सिंह के किरदार के लिए ऐसे ही किसी लिजेंड्री नायक की तलाश थी." शोले में बसंती के किरदार ने हेमा मालिनी को अमर बना दिया,लेकिन राम गोपाल वर्मा की इस फिल्म में बसंती के किरदार को बदलकर घूंघरु कर दिया गया है. बसंती तांगा चलाती थी जब कि नए जमाने की घूंघरू ऑटोरिक्शा चलाती है. राम गोपाल वर्मा की आग में अजय देवगन भी एक महत्वपूर्ण किरदार में नज़र आएंगे. रामू अजय की एक्टिंग से खासे प्रभावित हैं. वे कहते हैं, "फ़िल्मी दुनिया में अजय की इमेज एक गंभीर किस्म के अभिनेता की रही है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सेट पर वो कितने सहज और मज़ाकिया किस्म के इंसान हैं.मुझे हीरु के किरदार के लिए ऐसा ही कोई आदमी चाहिए था जो दिखता तो गंभीर हो लेकिन मौके से कॉमेडी भी कर ले, अजय ने कमाल का अभिनय किया है." जब मैने उनसे ये पूछा कि आपने फ़िल्म का नाम रामगोपाल वर्मा की आग क्यों रखा तो वो हंसते हुए जवाब देते हैं, " शुरुआत में हमने इसका नाम रखा था राम गोपाल वर्मा की शोले, लेकिन कोर्ट की आपत्ति के बाद हमें इसे बदलना पड़ा, फिर सोचा कि फ़िल्म का नाम केवल आग रखा जाए लेकिन वो बहुत ही छोटा हो रहा था, और फिर मैने सोचा कि क्यों न मैं अपना ही नाम जोड़कर इसे थोड़ा बड़ा कर दूं. वैसे भी मैं चाहता हूं कि कम से कम इसी बहाने लोगों को मेरा नाम तो याद रहेगा." रामू की ये फिल्म 31अगस्त को रीलिज होगी और उन्हें पूरा भरोसा है कि ये शोले का जादू एक बार फिर से लोगों के दिलों पर बिखेरेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बसंती बनी अब घुँघरू09 नवंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस गब्बर सिंहः 'तोहार का होई रे कालिया'19 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'रीमेक में समय के अनुसार बदलाव'09 सितंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस राम गोपाल वर्मा-बिग बी फिर एक साथ07 अप्रैल, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'सरकार' से ख़फ़ा है गोल्ड मेडलिस्ट शूटर01 सितंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस अमिताभ बच्चन बने हैं 'सरकार'27 जून, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस फ़िल्म देखने पर पिटाई होती थी- राम गोपाल वर्मा29 जुलाई, 2004 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||