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'अच्छी फ़िल्में आज भी दर्शक देखते हैं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सूरज बड़जात्या इन दिनों काफ़ी खुश हैं. उनकी हाल में प्रदर्शित फ़िल्म 'विवाह' इन दिनों खासी चर्चा में है. सूरज हाल ही में उत्तर प्रदेश और बिहार के कई शहरों का दौरा करके लौटे हैं और दर्शकों की तरफ से मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया से काफ़ी उत्साहित हैं. सूरज बड़जात्या की ये फ़िल्म पारंपरिक शादी को दर्शाती है जिसमें उन रस्मों का पूरा ख्याल रखने की कोशिश की गई है जोकि आमतौर पर शादियों में होती हैं. वैसे राजश्री प्रोडक्शंस के बैनर तले बननेवाली फ़िल्में पहले से ही साफ़ सुथरी और पारिवारिक और रोमांटिक लव स्टोरी पर आधारित रही हैं. सूरज अपनी इस फ़िल्म को मिल रहे समर्थन से काफ़ी खुश हैं. वो कहते हैं,'' मेरी कोशिश थी कि जिन भारतीय मूल्यों की हम बात करते हैं, उन्हें अच्छे ढ़ंग से लोगों तक पहुंचाया जाए. मुझे खुशी है कि लोग मेरी इस कोशिश को पसंद कर रहे हैं.'' फ़िल्म पर सवाल सूरज बड़जात्या ने बताया कि जब वो विवाह बनाने की तैयारी में जुटे थे तो कई लोगों ने उनसे कहा कि आजकल के दौर में जहाँ मल्टीप्लैक्स का ज़माना है, आपकी फ़िल्म कौन देखेगा? वो याद करते हैं,'' कई लोगों ने कहा कि आजकल ऐसी फ़िल्में लोग पसंद नहीं करते. लेकिन मुझे पूरा भरोसा था कि अगर अच्छी चीज़ सही तरीके से लोगों के सामने पहुँचाई जाए तो लोग ज़रूर देखेंगे और सराहेंगे.'' अब जब फ़िल्म रिलीज हो चुकी है और अच्छा कारोबार भी कर रही है, सूरज काफ़ी संतुष्ट दिखते हैं. वो कहते हैं,'' मैं हाल ही में यूपी और बिहार के दौरे पर था, वहाँ मैने पाया कि काफ़ी लोग इसे देख रहे हैं और तारीफ़ भी कर रहे हैं. फ़िल्म को शानदार ओपनिंग मिली है.'' अच्छी ख़बर ये है कि विवाह को दर्शक इंटरनेट पर भी देख सकेंगे. सूरज कहते हैं,'' जी हां, हमने इस फिल्म को इंटरनेट के जरिए भी दर्शकों तक ले जाने का फ़ैसला किया है.'' सूरज बड़जात्या का कहना है कि आज भी अगर अच्छी फ़िल्में बनाई जाएं तो दर्शक उसे ज़रूर देखेंगे. विवाह के जरिए भारतीय वैवाहिक परंपरा को नये जमाने के साथ पिरोकर दिखाने की जो कोशिश उन्होंने की है, वह कामयाब होती नज़र आ रही है. |
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