|
सगाई से शादी तक की कहानी 'विवाह' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजश्री प्रोडक्शंस की जल्दी ही रिलीज होने वाली फिल्म है 'विवाह'. इस फिल्म में एक बार फिर सूरज बड़जात्या ने भारतीय सभ्यता को दिखाने की कोशिश की है. 'विवाह' कहानी है पूनम और प्रेम की. फिल्म में प्रेम की भूमिका निभाई है शाहिद कपूर ने जबकि पूनम का किरदार अमृता राव ने निभाया है. पूनम एक उच्च मध्यवर्गीय लड़की है, जिसके मां बाप की उसके बचपन में ही मौत हो जाती है. इसके बाद पूनम अपने चाचा के साथ ही रहती है जो उसे काफी प्यार करते हैं. चाचा की भूमिका में हैं आलोक नाथ जो इससे पहले भी राजश्री की कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ कर चुके हैं. प्रेम का किरदार भी कम महत्वपूर्ण नहीं है. प्रेम दिल्ली के एक बड़े बिजनेसमैन का बेटा है. लेकिन प्रेम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इतने बड़े बाप की औलाद होने और काफी पढ़ा-लिखा होने के बावजूद भी वह अपनी जड़ों को भूला नहीं है. उसे सादगी पसंद है. इस रोल के लिए शाहिद कपूर ने काफी मेहनत की है. हालाँकि शाहिद का लुक काफी हद तक उन्हें ये किरदार निभाने में मदद कर देता है.
सूरज ने अपनी इस नई फिल्म में परंपरागत विवाह की बारीकियों को सहेजने की कोशिश की है. आजकल के पढ़े-लिखे लोगों को जो परंपरागत तरीके से अपने मां-बाप के चुने हुए रिश्ते को अपनाते हैं, कई बार उन्हें किस तरह की हास्यास्पद और उलझन भरी स्थितियों का सामना करना पड़ता है. फिल्म विवाह में यही दिखाने की कोशिश की है. इससे पहले भी सूरज बड़जात्या ने ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ साथ हैं’ बनाई थी जिनमें प्रमुख विषय पारिवारिक रिश्ते ही रहे हैं. विवाह भी शादी के एक पहलू को दर्शाती हुई एक फिल्म है जिसमें शाहिद कपूर और अमृता राव की जोड़ी एक बार फिर अपना कमाल दिखाने के लिए तैयार है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मैं सूरज की फ़िल्म की दीवानी हूँ'28 जुलाई, 2006 | पत्रिका अब 'राजश्री' की दूसरी पारी27 अप्रैल, 2006 | पत्रिका 'समलैंगिगता तो समाज में पहले से है'30 सितंबर, 2006 | पत्रिका 'शाहरुख़ वाले किरदार चाहता हूँ, कौन देगा?'29 सितंबर, 2006 | पत्रिका दो फ़िल्में तय करेंगी ऐश्वर्या का भविष्य18 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका गब्बर सिंहः 'तोहार का होई रे कालिया'19 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका जब सलमान ख़ान रो पड़े....21 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||