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जैक्सन के बरी होने से प्रशंसक खुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैलिफ़ोर्निया की एक अदालत ने पॉप स्टार माइकल जैक्सन को सभी 10 मामलों में बरी कर दिया है. उन पर बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए गए थे. ख़ुद माइकल जैक्सन ने 14 सप्ताह तक चले मुक़दमे के सोमवार को आए फ़ैसले पर अपनी कोई टिप्पणी नहीं दी. बाद में उनके वकील थॉमस मेसरो ने कहा, "आख़िरकार न्याय हुआ. माइकल जैक्सन निर्दोष है." कैलीफ़ोर्निया के सांता मारिया में अदालत के बाहर जमा माइकल जैक्सन के प्रशंसकों ने फ़ैसले पर खुल कर ख़ुशी मनाई. फ़ैसला तय करने में जूरी ने सात दिन का वक़्त लिया. जूरी में आठ महिला और चार पुरुष सदस्य थे. माइकल जैक्सन के विरूद्ध 10 आरोप थे और उन्होंने सारे आरोपों से इनकार किया था. इन आरोपों में अपहरण की साज़िश रचने, बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार और एक बच्चे को अल्कोहल पिलाने जैसे आरोप शामिल थे. सुनवाई माइकल जैक्सन नेवरलैंड स्थित अपने निवास से अपने पिता जो, माता कैथरीन और बहनों लाटोया और जेनेट के साथ फ़ैसला सुनने पहुँचे.
इस अवसर पर अदालत के बाहर भारी भीड़ थी जिसमें जैक्सन के समर्थक, विरोधी और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए मीडियाकर्मी शामिल थे. माइकल जैक्सन पर लगे आरोपों की सुनवाई इस वर्ष फ़रवरी में शुरू हुई थी औऱ जूरी ने तीन जून को सुनवाई बंद कर फ़ैसला सुनाने के लिए समय लिया. माइकल जैक्सन के ख़िलाफ़ मामले की शुरूआत ब्रिटेन के एक पत्रकार मार्टिन बशीर की एक डॉक्यूमेंट्री से शुरू हुई. इस डॉक्यूमेंट्री में जैक्सन ने बच्चों के साथ संबंध रखने की बात स्वीकार की थी. मार्टिन बशीर ने भी इस मामले में गवाही दी लेकिन उन्होंने कई सवालों के जवाब देने से इंकार कर दिया था. माइकल जैक्सन 13 वर्षीय गेविन एरविज़ो नामक बच्चे से दुर्व्यवहार के आरोप को पूरी तरह ग़लत बताते रहे हैं. |
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