'ये वीरप्पन असली लग रहा है'

- Author, श्वेता पांडेय
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
'सत्या', 'शूल', 'कंपनी', 'सरकार', 'सरकार राज' सरीख़ी फ़िल्में बनाने वाले रामगोपाल वर्मा अरसे बाद अपनी नई फ़िल्म लेकर आ रहे हैं. रामू की फ़िल्म 'वीरप्पन', चंदन तस्कर वीरप्पन के एनकाउंटर पर आधारित है.
रामगोपाल वर्मा की फ़िल्मों के विषय और चरित्र कुछ हटकर ही रहते हैं.
रामू कहते हैं, ''मैं जिस तरह के कैरेक्टर और सब्जेक्ट की बात करता हूं, वो मेरे एटीट्यूड से जुड़ी हुई है.''
वो कहते हैं कि ना मैं बिज़नेसमैन हूं और ना ही उन डायरेक्टर्स में से हूं, जो थिएटर के लिए फ़िल्म बनाते हैं.
रामू की कुछ फ़िल्में बुरी तरह फ़्लॉप हुई हैं. इस दर्द को बयां करते हुए रामू कहते हैं, ''मैंने कई मेनस्ट्रीम फ़िल्में बनाने की कोशिश की और उनमें कुछेक असफल भी रहीं.''

रामगोपाल वर्मा ने साल 2007 में फ़िल्म 'आग' बनाई थी, जो साल 1975 में आई फ़िल्म 'शोले' की रीमेक थी.
फ़िल्म 'आग' में अमिताभ बच्चन, अजय देवगन और सुष्मिता सेन जैसे कलाकार होने के बावज़ूद यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर पिट गई.
हालांकि, उसके बाद साल 2008 में आई फ़िल्म 'सरकार राज' ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. लेकिन उसके बाद रामू की हॉरर फ़िल्में ही ज़्यादा चर्चा में रहीं.
अपनी आने वाली फ़िल्म की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि लोगों ने 'वीरप्पन' के फ़र्स्ट लुक को देखने के बाद ही मुझे फ़ीडबैक देना शुरू कर दिया था कि ये वीरप्पन असली लग रहा है.
क्या 'वीरप्पन', 'सत्या' की तरह कामयाब होगी? इसके जवाब में वो कहते हैं, ''स्क्रिप्ट लिखना मेरा काम है. किसी कैरेक्टर या फ़िल्म को दर्शक हिट करवाते हैं.''

इमेज स्रोत, PR
वैसे राम गोपाल वर्मा सिर्फ़ अपनी फ़िल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि विवादित ट्वीट के लिए भी चर्चा में रहते हैं.
हाल ही में रामू ने अपनी फ़िल्म 'वीरप्पन' में आइटम नंबर करने वाली अभिनेत्री ज़रीन ख़ान के बारे में एक ट्वीट किया. इसके बाद एक बार फिर लोग उन्हें ट्रॉल करने लगे.
रामू का ट्वीट, ''ज़रीन के बारे में जो बात मुझे सबसे ज़्यादा अच्छी लगती है, वो यह कि वो हर तरह से बहुत बड़ी हैं, ख़ासकर अपने दिल और दिमाग़ से.''
जब रामू से उनके विवादित ट्वीट के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, ''मैं ट्विटर पर सिर्फ़ अपनी राय रखता हूं और मीडिया उसे कॉन्ट्रोवर्सी बना देता है.''

रामू, ट्विटर को पर्सनेलिटी का एक्सटेंशन बताते हुए कहते हैं, "यहां मैं जो कुछ भी लिखता हूं, वो मेरे और मेरे फॉलोअर्स के बीच की बातें हैं."
वहीं विरोध करने वालों के बारे में वो कहते हैं कि जिन्हें उनकी राय पसंद नहीं है, उनके पास अनफ़ॉलो का विकल्प हमेशा मौजूद है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












