फिर ''साथ निभाना साथिया' के साथ टीआरपी

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- Author, श्राबंती चक्रवर्ती
- पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी के लिए
चैनलों की दौड़ में पहले पायदान पर रहा स्टार प्लस दूसरे पर कलर्स और तीसरे स्थान पर रहा ज़ी टीवी.
हालांकि कलर्स के तीसरे से दूसरे नंबर पर आने का बड़ा कारण पिछले रविवार को दिखाई गई फ़िल्म 'तेवर' को माना जा सकता है जिसकी वजह से चैनल को काफ़ी दर्शक मिले.
पहले पायदान पर अपना झंडा गाड़ा 'साथ निभाना साथिया' ने. कहानी में कभी अहम और गोपी के बीच नोक-झोक तो कभी माँ और बेटा यानी अहम और कोकिला बेन के बीच मतभेद चलता रहता है.
भोलापन और झगड़ा

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दूसरे नंबर पर रहा 'कुमकुम भाग्य' शो के दर्शक प्रज्ञा के भोलेपन और अभि की झगड़ालू प्रकृति दोनों का मजा ले रहे हैं और खट्टी मीठी प्रेम कहानी हमेशा दर्शक को अच्छी लगती है.
तीन नंबर पर रहा 'दिया और बाती हम', इस शो ने अब एक और टाइम लीप लिया है और अब संध्या मां बन गई हैं. एक पुलिस अफ़सर की ज़िम्मेदारी और एक माँ की भूमिका एक साथ, एक बड़ी चुनौती बनकर संध्या के सामने है.
वैसे इस धारावाहिक ने पिछले हफ़्ते ही 1000 एपिसोड का सफ़र तय किया है.
'सुपरमॉम्स' सुपर

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सबसे पहले स्थान पर रहा 'डीआईडी सुपरमॉम्स' का ऑडिशन राउंड. इस शो के ऑडिशंस राउंड में मज़ेदार कंटेस्टेंट के बीच टक्कर लोगों को लुभा रही है.
गोविंदा की मौजूदगी से शो में एक अलग ही तरह का एंटेरटेनमेंट का तड़का लग गया है.
दूसरे नंबर पर रहा कपिल शर्मा का शो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल.' इस शो में पहले जैसा मैजिक नहीं दिखता और कई दर्शक और टीवी एक्सपर्ट मानते हैं कि यह शो बहुत ज़्यादा चल गया है.
ख़तरों के खिलाड़ी

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रोहित शेट्टी का स्टंट शो 'ख़तरों के खिलाड़ी' इस हफ़्ते तीसरे पायदान पर रहा है, लेकिन उम्मीद की जा सकती है कि जैसे-जैसे फ़िनाले की घड़ी नज़दीक आएगी ये शो भी टीआरपी में ऊपर जाएगा.
ये तो रही इस हफ़्ते की टीआरपी, हो सकता है अगले हफ़्ते आपको इस लिस्ट में कुछ अलग ही धारावाहिक दिखाई दें, क्योंकि टीआरपी देने वाली एजेंसी बदलने वाली है.
साथ ही अगले हफ़्ते से शुरू होने वाला है आईपीएल-7 जिसका असर धारावाहिकों की टीआरपी पर भी पड़ सकता है.

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नई टीआरपी एजेंसी
वैसे हर हफ़्ते आम लोगों को चैनल और धारावाहिकों की टीआरपी के बारे में बताने वाली संस्था टैम की अब छुट्टी होने वाली है.
अगर सब कुछ निर्धारित तरीके से चला तो संभवत: अगले हफ़्ते से टेलीविज़न शोज़ का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही अंदाज़ में हमारे पास आएगा, क्योंकि ज़्यादातर चैनलों और एजेंसीयों ने टैम की जगह पर बार्क नामक संस्था को इसके लिए चुना है.
इसका कारण टीआरपी के नतीज़ों को लेकर रहे विवाद को माना जा रहा है. चैनल अक्सर टैम के नतीजों पर अपनी नाराज़गी जताते आए हैं. टैम के टीआरपी के आंकड़े जुटाने के तरीक़े से भी लोगों को कई शिकायतें रही हैं.
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