ख़ानदानी शफ़ाख़ानाः सोनाक्षी सिन्हा सेक्स पर बात क्यों करना चाहती हैं

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- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
'दबंग' फ़िल्म से बॉलीवुड में क़दम रखने वाली सोनाक्षी सिन्हा पहली बार सेक्स कॉमेडी फ़िल्म 'ख़ानदानी शफ़ाख़ाना' में नज़र आएंगी.
अक्सर पारिवारिक फ़िल्मों में नज़र आने वाली सोनाक्षी इन विषयों पर आधारित फ़िल्मों से बचती रही थीं और इस फ़िल्म को भी हाँ करने से पहले वो कतरा रही थीं.
'ख़ानदानी शफ़ाख़ाना' फ़िल्म में सोनाक्षी सिन्हा बेबी बेदी का किरदार निभा रही हैं, जिसे विरासत में मामाजी का ख़ास शफ़ाख़ाने को चलाने की ज़िम्मेदारी मिलती है.
इस शफ़ाख़ाने में लोग सेक्स संबंधी परेशानियों के इलाज के लिए आते हैं.
बीबीसी से बातचीत में सोनाक्षी ने कहा, "मैं सोचती थी कि सेक्स जैसा टॉपिक है तो मैं कैसे करूंगी? मैं सोनाक्षी सिन्हा सिर्फ़ पारिवारिक फ़िल्में करती हूँ. मेरे माता पिता क्या बोलेंगे? जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी तो मैंने सोचा की मुझे ये फ़िल्म करनी ही है और ऐसी फ़िल्में ही करनी चाहिए जो आज के दौर की कहानी बयां करती हो."
सोनाक्षी मानती हैं कि भारत में आज भी सेक्स पर बात करना कठिन है. इस पर लोग बात करने से कतराते हैं जबकि बात करने में कोई बुराई नहीं है.
"जब सर्दी-जुकाम, बुखार के लिए आप डॉक्टर के पास जा सकते हैं तो यौन सम्बन्धी बीमारियों पर बात करने के लिए क्यों नहीं? यह जागरूकता लाना ज़रूरी है."
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पारिवारिक फ़िल्म है 'ख़ानदानी शफ़ाख़ाना'?
सोनाक्षी सिन्हा का मानना है कि जागरूकता लाने के लिए इस विषय को स्कूली पढ़ाई में शामिल किया जाना चाहिए.
वो कहती हैं, "अगर बच्चों को बताया नहीं जाएगा तो वे ग़लत माध्यमों से इसकी जानकारी जुटाएंगे. बच्चो से इस विषय में बात करने में भारत के माता-पिता बहुत शर्मिंदगी महसूस करते हैं पर अब समझना ज़रूरी है कि ये शर्मिंदगी की बात नहीं है."
सोनाक्षी सिन्हा ने भी माना कि वो भी उन लोगो में से हैं जिन्होंने कभी अपने मां-बाप से सेक्स जैसे विषयों पर बात नहीं की. स्कूल और कॉलेज के दिनों में दोस्त से इस बारे में जाना.
क्या यह फ़िल्म परिवार के साथ देखी जा सकती है, इस सवाल के जवाब में सोनाक्षी कहती हैं, "मैं साफ़ करना चाहती हूं कि यह फ़िल्म पारिवारिक है, जिसे बच्चे-बुज़ुर्ग सब साथ बैठकर देख सकते हैं."
वो फ़िल्म की निर्देशक शिल्पी दासगुप्ता को श्रेय देते हुए कहती हैं कि एक महिला निर्देशक होने के नाते उन्होंने संजीदगी से इस विषय को संभाला है, जो एक पुरुष निर्देशक नहीं कर सकता था.
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अब तक का सफ़र
फ़िल्म इंडस्ट्री में क़रीब नौ सालों से काम कर रहीं सोनाक्षी सिन्हा ने कई सफल फ़िल्में की हैं.
दबंग, लूटेरा, अकीरा, र... राजकुमार, हैपी फिर भाग जाएगी, नूर और अन्य फ़िल्मों के सफ़र में उन्होंने ख़ुद में बहुत बदलाव देखा है.
वो कहती हैं कि जब दबंग के साथ उनकी शुरुआत हुई थी तब सोचा नहीं था की इस पायदान तक पहुंच जाएंगी. सोनाक्षी कहती हैं, ''जब शुरुआत हो ही गई तो सीखना शुरू किया, जो भी सीखा फ़िल्मी सेट पर ही सीखा है.''
वो कहती हैं, "अब तक के फ़िल्मी सफर में मैं अपने आप को एक बदला हुआ इंसान मानती हूं. बहुत बेहतर सफ़र रहा है मेरा और इस सफ़र में मुझे ना कोई अफ़सोस है और ना ही कोई शिकायत."
शिल्पी दासगुप्ता निर्देशित 'ख़ानदानी शफ़ाख़ाना' में सोनाक्षी सिन्हा के आलावा अनु कपूर, वरुण शर्मा और रैपर बादशाह भी अहम भूमिका में नज़र आएंगे. फ़िल्म 26 जुलाई को रिलीज़ होगी.
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