पहले बोल्ड अदाकारी, अब बोल्ड डायरेक्शन की ओर

कश्मीरा शाह

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    • Author, सुनीता पांडेय
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

कश्मीरा शाह 'कास्टिंग काउच' डायरेक्ट करने जा रही हैं. कश्मीरा का कहना है कि फ़िल्म उनकी तरह 'रैडिकल और इरोटिकल होगी.'

'बोल्ड' मानी जानेवाली कश्मीरा बॉलीवुड की अकेली अदाकारा नहीं हैं जो अभिनय से निर्देशन की तरफ़ जा रही हैं, राखी सावंत और पूनम पांडेय ने भी डायरेक्शन का रुख़ किया है.

निर्देशन के बारे में कश्मीरा कहती हैं, "इसकी प्लानिंग काफ़ी पहले से थी." और वो कई कहानियों को नए अंदाज़ में कहना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने इस ओर रुख़ किया.

कश्मीरा कहती हैं कि उनकी लिखी कहानी पर 12 साल पहले एक फ़िल्म बन चुकी है. हिंदी के अलावा मराठी फ़िल्मों में भी काम कर चुकीं कश्मीरा अपने आइटम डांस के लिए जानी जाती हैं.

पूनम पांडे फिलहाल एक शॉर्ट फ़िल्म डायरेक्ट कर रही हैं.

इंडियन क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप की जीत पर न्‍यूड होने का वादा कर सनसनी मचाने वाली पूनम का कहीं ये सुर्ख़ियों में रहने का नया पैंतरा तो नहीं?

जवाब में वो कहती हैं, "ये तो फ़िल्म आने बाद पता चल जाएगा."

पूनम पांडेय

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'सॉफ्ट पॉर्न'

सेमी न्यूड फोटोग्राफ्स और वीडियो से सुर्ख़ियों में रहने वाली पूनम पांडेय ने 'नशा' जैसी 'सॉफ्ट पॉर्न' फ़िल्म में भी क़िस्मत आज़माई, लेकिन वो बॉलीवुड में अपनी ख़ास पहचान नहीं बना पाईं.

राखी सावंत

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एक्टिंग या डायरेक्शन

बेबाक बयानी के लिए मशहूर राखी सावंत अपनी निर्देशकीय पारी की शुरुआत एक एल्बम के निर्देशन से करना चाहती हैं.

मीका के साथ किसिंग कंट्रोवर्सी से फेमस हुई राखी 'क्रेजी-4', 'मालामाल वीकली', '1920' और 'एक खिलाड़ी एक हसीना' जैसी फिल्मों में अपने आईटम का जलवा दिखा चुकी है.

बॉलीवुड में कोई मुकम्मल जगह ना बना पाने से निराश राखी राजनीति में भी अपना हाथ जला चुकी है.

राखी के मुताबिक़, "मुझे एक एल्बम का ऑफर मिला,लेकिन मेरे प्रोड्यूसर के पास डाइरेक्टर के लिए बजट ही नहीं था, इसलिए मैंने सोचा मैं ही क्यों ना इसे डाइरेक्टर करूं? मैं पिछले 12 सालों से इंडस्ट्री में हूं. मैंने कनाडा से निर्देशन का कोर्स भी किया है. डांस और म्यूज़िक भी समझती हूं."

राखी आगे कहती हैं कि, "मेरे ख्याल से हर मुद्दे पर अन्य लोगों की तरह हमारी भी राय होती है और मुझे लगता है कि निर्देशक के रूप में जिसे लोगों के सामने आप अपनी बात रखने में होते हैं."

फ़िल्ममेकिंग में निर्देशन काफ़ी जिम्मेदारी का काम होता है. निर्देशक के सोच को एक फ़िल्म ही अभिव्यक्त करती है. जैसा कि पूनम पांडेय और कश्मीरा का मानना है कि उनकी सोच ही बोल्ड है, तो जाहिर है उनकी फ़िल्म भी बोल्डनेस की ही सीमा तोड़ेगी?

'तीसरी आंख' और 'आवारा पागल दीवाना' जैसी फ़िल्मों में 'बोल्डनेस' की वजह से चर्चा में रहीं आरती छाबड़िया ने भी निर्देशन की तरफ़ कदम बढ़ाया है.

एक फ़िल्म फेस्टिवल के दौरान उनके निर्देशन में बनी शॉर्ट फ़िल्म 'मुंबई वाराणसी एक्सप्रेस' की पहली झलक दर्शकों को दिखी थी.

आरती छाबड़िया

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संघर्ष की कहानी

आरती के मुताबिक़, वो "बचपन से ही डायरेक्टर बनना चाहती थीं."

और इस फ़िल्म में बनारस से मुंबई की चकाचौंध के बीच सपने साकार करनेवाले युवाओं के संघर्ष को कहानी का आधार बनाया गया है.

छाबड़िया न्यूयॉर्क फ़िल्म अकेडमी से फ़िल्ममेकिंग का टेक्निकल कोर्स कर चुकी हैं. राखी सावंत का भी कहना है कि उन्होंने भी निर्देशन का कोर्स किया है.

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