हांगकांग की चीन वापसी की 15वीं वर्षगांठ

हु जिंताओ ने सी वाई लेउंग को हांगकांग के नए मुख्य कार्यकारी की शपथ दिलाई

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चीन के राष्ट्रपति हु जिंताओ ने हांगकांग की चीन वापसी की 15वीं वर्षगांठ पर हांगकांग की स्वायत्ता बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया है.

ब्रिटेन का उपनिवेश रहे हांगकांग को वापसी के बाद से ही चीन ने – एक देश, दो व्यवस्था – की नीति के तहत स्वायत्तता दी हुई है.

हांगकांग की चीन में वापसी की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहे आयोजनों के लिए पहुँचे चीनी राष्ट्रपति ने व्यवसायी सी वाई लेउंग को हांगकांग के नए नेता या मुख्य कार्यकारी की शपथ दिलाई.

चीन सरकार का विरोध कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों ने हु जिंताओ के कार्यक्रम में बाधा डालने की भी कोशिश की. एक व्यक्ति ने हु के भाषण के बीच नारे भी लगाए मगर उसे पकड़कर बाहर कर दिया गया.

विरोध करनेवालों को मुख्य आपत्ति उस व्यवस्था को लेकर है जिसके तहत हांगकांग के नेता को चुना जाता है. कई लोगों का मानना है कि इसके ज़रिए बीजिंग अपनी पसंद के व्यक्ति को हांगकांग के शीर्ष पद पर बिठा देता है.

इस व्यवस्था में 1200 व्यवसायी या अन्य प्रभावशाली लोगों का एक निर्वाचन मंडल या इलेक्टोरल कॉलेज होता है जो नेता चुनते हैं और इनमें से अधिकतर चीन सरकार के करीबी होते हैं.

चीनी राष्ट्रपति पाँच साल बाद हांगकांग के दौरे पर आए हैं. पिछली बार वो बीजिंग ओलंपिक से पहले हांगकांग आए थे.

हांगकांग स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बार माहौल बिल्कुल अलग है और हांगकांग के लोगों में चीन को लेकर विश्वास अभी न्यूनतम स्तर पर पहुँचा हुआ है.

आयोजन और विरोध

हांगकांग के लोगों में चीन सरकार को लेकर काफ़ी नाराज़गी है

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हांगकांग की चीन वापसी की 15वीं वर्षगांठ के आयोजन के लिए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी. हु जिंताओ के दौरे का कार्यक्रम पूरी सावधानी के साथ तैयार किया गया है.

शपथ ग्रहण समारोह में हु ने लेउंग को बधाई दी और 15वीं वर्षगांठ को एक आनंददायक अवसर बताते हुए अपनी सरकार की – एक देश, दो व्यवस्था – के नीति के प्रति संकल्प को दोहराया.

इस नीति के तहत हांगकांगवासियों को मुख्य चीन के लोगों की तुलना में अधिक राजनीतिक स्वतंत्रता हासिल है.

मगर बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा संभव है कि हांगकांग के लिए चीनी नेता के इस संकल्प का तब तक कोई मतलब ना निकले जब तक कि मुख्य चीन में लोकतंत्र नहीं आता.

संवाददाता का कहना है कि प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें, बढ़ती असमानता, लोकतंत्र की कमी और चीनी प्रशासन में शीर्ष स्तर पर हुए कई राजनीतिक विवादों के कारण हांगकांगवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.

शनिवार को वहाँ पुलिस को प्रदर्शनकारियों को चीनी राष्ट्रपति से दूर रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.

एक स्थानीय पत्रकार ने शनिवार को उनसे 1989 के तिएन्मेन स्क्वायर पर हुए जनसंहार के बारे में सवाल पूछ डाला.

रविवार को हांगकांग में मानवाधिकारों के समर्थन में एक और बड़ी रैली होनी है. ये रैली हर साल होती है मगर इस वर्ष इसमें और अधिक लोगों के आने की संभावना है.