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कार कंपनियों को राहत देने की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी कार निर्माता कंपनियों को आर्थिक पैकेज देने की बात भले ही फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई हो पर व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि इन कंपनियों को कुछ राहत मिल भी सकती है. अमरीकी सरकार ने कहा है कि आर्थिक संकट से उबरने के लिए जिस 700 अरब डॉलर के पैकेज को मंज़ूरी दी जा चुकी है, उसमें से कुछ हिस्सा कार कंपनियों को मदद के रूप में इस्तेमाल हो सकता है. इससे पहले गुरुवार को अमरीकी सीनेट में देश की तीन बड़ी कार कंपनियों को बचाने के 14 अरब डॉलर के राहत पैकेज पर बातचीत भी हुई थी पर इस वार्ता के कोई सहमति या मंज़ूरी क़ायम नहीं की जा सकी. कुछ दिन पहले वित्तीय मंदी की मार झेल रहे अमरीकी कार निर्माता फ़ोर्ड, क्राइसलर और जेनरल मोटर्स ने सार्वजनिक किया था कि उनकी बिक्री में भारी गिरावट आई है. इन कार कंपनियों ने अमरीकी सरकार से 34 अरब डॉलर के सरकारी कर्ज़ का अनुरोध भी किया था ताकि कंपनियां दिवालिया होने की क़गार पर जाने से बच पाएं. मंज़ूरी नहीं कार कंपनियों की ताज़ा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अमरीकी सीनेट के सामने 14 अरब डॉलर के राहत पैकेज का प्रस्ताव भी रखा गया था. इस प्रस्ताव को अमरीकी संसद की प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ़ रेप्रेज़ेंटेटिव्ज़ ने पारित भी कर दिया था. पर बाद में यह प्रस्ताव गिर गया और राहत पैकेज दे पाने की स्थिति बदल गई. ऐसे में व्हाइट हाउस ने पहल करते हुए अब मंज़ूर हो चुके आर्थिक पैकेज से ही कार उद्योग को संभालने की बात कही है. विशेषज्ञों के अनुसार यदि कार कंपनियाँ दिवालिया होती है तो इसका नौकरियों, परिवारों और अमरीकी अर्थव्यवस्था पर तबाही मचाने जैसा असर होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें कार कंपनियों के पैकेज पर वार्ता असफल12 दिसंबर, 2008 | कारोबार ड्राइवर के लिए एमएस-फोर्ड का तोहफ़ा08 जनवरी, 2007 | कारोबार नए साल में सस्ता होगा कार बीमा07 दिसंबर, 2006 | कारोबार फ़ोर्ड में 75 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म होंगी15 सितंबर, 2006 | कारोबार चीन में ज़्यादा कार बनाएगी टोयोटा31 जुलाई, 2006 | कारोबार भारत में कारों की बिक्री बढ़ी03 अप्रैल, 2006 | कारोबार फ़ोर्ड 30 हज़ार नौकरियों की कटौती करेगा23 जनवरी, 2006 | कारोबार फ़ोर्ड में नौकरियों पर गाज गिरी02 अक्तूबर, 2003 को | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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