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फ़ोर्ड में 75 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म होंगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारी घाटे से जूझ रही अमरीकी कार कंपनी फ़ोर्ड अपने 75 हज़ार कर्मचारियों की छँटनी करने की तैयारी कर रही है. कंपनी अपने कर्मचारियों को अपनी नौकरी छोड़ने के लिए वित्तीय मुआवज़ा देने की तैयारी कर रही है. शुक्रवार को ये योजना विस्तृत रूप से सार्वजनिक होगी और इसका मकसद फ़ोर्ड की कारों की गिरती बिक्री और जापानी कार कंपनियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कंपनी को नया स्वरूप देने की कोशिश है. रिपोर्टों से संकेत मिले हैं कि मुआवज़े के अंतर्गत युवा कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए सीधे पैसे दिए जाएँगे जबकि वरिष्ठ कर्मचारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त होने का विकल्प दिया जाएगा. कंपनी के प्रबंधन के साथ बातचीत कर रहे कर्मचारी संगठन यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स का कहना है कि उम्मीद है कि हर कर्मचारी को एक लाख चालीस हज़ार डॉलर तक का मुआवज़ा मिल सकता है. फ़ोर्ड को वर्ष 2006 की दूसरी तिमाही में लगभग 12 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ था. विशेष तौर पर अमरीका में फ़ोर्ड की कारों की बिक्री ख़ासी घटी है और वहाँ 14 कारखानों में पहले ही 30 हज़ार नौकरियों की कटौती की घोषणा हो चुकी है. | इससे जुड़ी ख़बरें बंगलौर में टोयोटा की तालाबंदी ख़त्म20 जनवरी, 2006 | कारोबार बढ़ता कारवां महंगी कारों का 17 जनवरी, 2006 | कारोबार जेनरल मोटर्स में 30 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म 21 नवंबर, 2005 | कारोबार 10 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म करेगा सोनी22 सितंबर, 2005 | कारोबार रोवर में पाँच हज़ार लोगों की छँटनी15 अप्रैल, 2005 | कारोबार 'फ़िएट' में भारी छँटनी09 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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