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बंगलौर में टोयोटा की तालाबंदी ख़त्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा के बंगलौर स्थित प्लांट की तालाबंदी शनिवार से समाप्त हो रही है. टोयोटा कंपनी के प्रबंधन ने एकतरफ़ा फ़ैसला करते हुए तालाबंदी समाप्त करने की घोषणा की है जबकि हड़ताली कर्मचारियों के साथ कोई समझौता नहीं हो सका है. छह जनवरी को टोयोटा के लगभग 1500 कर्मचारी अचानक हड़ताल पर चले गए थे, उनकी माँग थी कि अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किए गए तीन कर्मचारियों को काम पर वापस रखा जाए. प्रबंधन ने कर्मचारियों की माँग मानने से इनकार कर दिया जिसके बाद हिंसा भड़क उठी और कंपनी ने तालाबंदी की घोषणा कर दी. प्रबंधन टोयोटा किर्लोस्कर के महाप्रबंधक एआर शंकर ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि तालाबंदी को ख़त्म करना एक प्रबंधन की पहल थी लेकिन इसके लिए कई कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने अपील की थी. शंकर ने बताया कि तीन दौर की बातचीत नाकाम रही थी क्योंकि कर्मचारी यूनियन निलंबित किए गए तीनों लोगों को काम पर वापस लाने की माँग पर अड़े हुए थे. शंकर ने कहा, "हमने उनकी माँग नहीं माना क्योंकि हम अनुशासन के मामले पर समझौता नहीं कर सकते." बंगलौर के पास स्थित इस प्लांट में टोयोटा कोरोला और इनोवा जैसी चार हज़ार गाड़ियाँ हर महीने बनती थीं. इसी प्लांट में वर्ष 2001 और 2002 में दो बार हड़तालें हो चुकी हैं और 15 कर्माचारियों के निलंबन का मामला अभी तक अदालत में चल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें छोटी कारों के बड़े बाज़ार में मार13 जून, 2005 | कारोबार भारत में नया प्लांट लगाएगी हुंडई16 फ़रवरी, 2005 | कारोबार कार का नाम बदलना पड़ा क्योंकि...25 अक्तूबर, 2003 | कारोबार पाकिस्तान में डिज़ाइन हुई पहली कार19 अप्रैल, 2005 | कारोबार ख़ुद को पार्क करेगी कार03 सितंबर, 2003 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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