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सेंसेक्स ने 10 हज़ार का स्तर पार किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में सोमवार को 10 हज़ार के आंकड़े को फिर छू लिया. पिछले सप्ताह उतार-चढ़ाव से भरे कारोबार के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 230 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ था. लेकिन ये 10 हज़ार के स्तर से नीचे ही था. इसके पहले चीन और जापान के शेयर बाज़ारों में भारी तेज़ी देखी गई. शुरुआती कारोबार में उनमें लगभग पाँच फ़ीसदी की बढ़त दर्ज की. ग़ौरतलब है कि इसके पहले चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को मंदी की मार से बचाने के लिए एक बड़े पैकेज की घोषणा की थी. चीन का पैकेज चीन क़रीब 600 अरब डॉलर की राशि आवासीय, निर्माण और भूकंप के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में लगाएगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कई एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था चीन और जापान देशों पर निर्भर है और चीन के पैकेज से विकास दर और निर्यात में बढोत्तरी की उम्मीद जगी है. उल्लेखनीय है कि अमरीका और यूरोप में आई आर्थिक मंदी का असर चीन पर भी पड़ रहा है. सरकार पहले ही तीन बार ब्याज दर में कटौती कर चुकी है. पिछले साल के 11.9 फ़ीसदी विकास दर के मुक़ाबले इस साल की तीसरी तिमाही में चीन की विकास दर नौ फ़ीसदी तक पहुँच गई है. चीन की अर्थव्यवस्था के लिए इसे काफ़ी ख़तरनाक माना जा रहा है. चीन में निर्यात 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रहा है. लेकिन जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंदी ऐसी ही रही तो इसमें भारी गिरावट आ सकती है. |
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