|
चीनी ऑटोमोबाइल कंपनी बंगाल की राह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन की एक बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी 'फ़र्स्ट ऑटोमोबाइल वर्क्स' यानी एफ़डब्ल्यू छोटी कार का एक संयंत्र लगाने के लिए पश्चिम बंगाल में ज़मीन की तलाश कर रही है. चीनी कंपनी ने एक ऐसे समय में पश्चिम बंगाल का रुख़ किया जब टाटा मोटर्स अपनी लखटकिया कार की परियोजना को राज्य से हटा चुकी है. कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूत मओं सेवी ने बताया है कि कंपनी के अधिकारी पश्चिम बंगाल में उपयुक्त ज़मीन की तलाश कर रहे हैं. बुधवार को एफ़एडब्ल्यू की एक टीम ने तटवर्ती शहर हल्दिया और औद्योगिक शहर खड़गपुर का दौरा किया है. सिंगुर का दौरा ख़बरों के मुताबिक हो सके तो गुरुवार को कंपनी की टीम सिंगूर का दौरा कर सकती है. ग़ौरतलब है कि सिंगुर में टाटा मोटर्स ने दुनिया की सबसे सस्ती कार बनाने के लिए संयंत्र लगाया था लेकिन विवादों के चलते वो वहाँ से अपना संयंत्र हटा चुका है. मओं सेवी के अनुसार चीनी कंपनी को संयंत्र लगाने के लिए 600 एकड़ ज़मीन की आवश्यकता है. विशेषज्ञों का राय में इतनी ज़मीन सिंगुर में बिना मशक्कत से हासिल की जा सकती है. टाटा मोटर्स के सिंगुर से हटने के बाद राज्य के परिवहन मंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने संवाददाताओं से कहा था कि कुछ ऑटोमोबाइल की बड़ी कंपनियां सिंगुर में संयंत्र लगाना चाहती हैं. उनका कहना था, " किसी और कंपनी के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन एफ़एडब्ल्यू ज़रूर राज्य में संयंत्र लगा चाहता है." पहली पसंद एफ़एडब्ल्यू के भारत में संभावित सहयोगी उर्लाज के प्रबंधक जेके सर्राफ़ का कहना है, "यदि हमें पश्चिम बंगाल में मुनासिब जगह नहीं मिलती है तबभी किसी दूसरी जगह जाऊँगा." ग़ौरतलब है कि मंगलवार को एफ़एडब्ल्यू के अधिकरियों की एक मीटिंग राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य से हो चुकी है और उस मीटिंग में उर्लाज कंपनी के प्रबंधक जेके सर्राफ़ भी मौजूद थे. बैठक के बाद जे के सर्राफ़ का कहना था, " एफ़एडब्ल्यू संयंत्र लगाने के लिए उत्साहित हैं. हमने एफ़एडब्ल्यू से साझा काम करने के लिए कहा है, वो इसके समर्थन में हैं. " एफ़एडब्लयू इस समय दुनिया के 17 देशों में मौजूद है और टोयोटा, आउडी, माज़्दा और वोलकसवेग्न इसके सहयोगी हैं. एफ़एडब्लयू के पास 1,31,000 क्रमचारी हैं और हर वर्ष कुल मिलाकर 20 लाख गाड़ियाँ तैयार करने की क्षमता है. |
इससे जुड़ी ख़बरें सिंगूर को टा टा करने की चेतावनी22 अगस्त, 2008 | कारोबार एक लाख की 'नैनो' लाया टाटा10 जनवरी, 2008 | कारोबार सिंगूर में टाटा की परियोजना की शुरूआत21 जनवरी, 2007 | कारोबार टाटा मोटर्स की परियोजना विवादों में18 दिसंबर, 2006 | कारोबार 'कंपनियाँ ही करें ज़मीन का अधिग्रहण'19 दिसंबर, 2006 | कारोबार मुनाफ़ा ही नहीं सामाजिक दायित्व भी जरूरी17 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||