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शुक्रवार, 22 अगस्त, 2008 को 11:53 GMT तक के समाचार
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सिंगूर को टा टा करने की चेतावनी
रतन टाटा
रतन टाटा इस माहौल में काम नहीं करना चाहते
टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने चेतावनी दी है कि अगर ज़मीन को लेकर हिंसा जारी रही तो वे सिंगूर से अपनी नैनो कार परियोजना को हटाने से नहीं हिचकेंगे.

कोलकाता में शीर्ष अधिकारियों और पश्चिम बंगाल सरकार के कई मंत्रियों से मुलाक़ात के बाद रतन टाटा ने कहा कि उनका ग्रुप इस माहौल में काम नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा, "अब यह पश्चिम बंगाल सरकार पर निर्भर करता है कि वो क्या फ़ैसला करती है. वह हमें अनचाहा नागरिक बनाना चाहती है या फिर वो हमें राज्य का एक बेहतर कॉरपोरेट नागरिक बनाती है."

भारत के बड़े औद्योगिक घरानों में से एक टाटा समूह के चेयरमैन ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल को उनकी आवश्यकता है तो वे राज्य के विकास का हिस्सा बनेंगे और यहाँ काम करेंगे.

अनदेखी

टाटा टी की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने कोलकाता आए रतन टाटा ने कहा, "पश्चिम बंगाल के लिए मेरे दिल में जगह रही है. लेकिन अब मुझे लग रहा है कि टाटा को किसी कारण से राज्य में अनचाहा माना जा रहा है. औद्योगीकरण में ग्रामीण समुदाय की अनदेखी नहीं की जा सकती और ना ही ग्रामीण समुदाय औद्योगीकरण के बिना फल-फूल सकता है."

 पश्चिम बंगाल के लिए मेरे दिल में जगह रही है. लेकिन अब मुझे लग रहा है कि टाटा को किसी कारण से राज्य में अनचाहा माना जा रहा है. औद्योगीकरण में ग्रामीण समुदाय की अनदेखी नहीं की जा सकती और ना ही ग्रामीण समुदाय औद्योगीकरण के बिना फल-फूल सकता है
रतन टाटा

सिंगूर में टाटा को मिली ज़मीन को विरोध हो रहा है. लेकिन रतन टाटा का कहना है कि सिंगूर की ज़मीन बंजर थी और पिछले दो साल से उस पर खेती नहीं हो रही थी.

यह पूछे जाने पर कि क्या सिंगूर मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में टाटा ग्रुप की योजनाओं को धक्का लगेगा, रतन टाटा ने कहा- ज़रूर लगेगा.

रतन टाटा ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अपने लोगों की सुरक्षा के लिए वे सिंगूर छोड़ने से नहीं हिचकेंगे.

उन्होंने कहा, "अगर कोई ये समझ रहा है कि हमने निवेश कर दिया है इसलिए वह वहाँ से नहीं जाएँगे, तो मैं उन्हें बता देना चाहता हूँ कि हम अपने लोगों की रक्षा के लिए वहाँ से हट भी सकते हैं. मैं अपने लोगों और परिवार को पश्चिम बंगाल नहीं भेज सकता, अगर उन्हें पीटा जाए या फिर वहाँ हिंसा हो."

निवेश

टाटा ने सिंगूर में अपनी परियोजना में 15 अरब रुपए निवेश करने की घोषणा की है. लेकिन सिंगूर में इसका काफ़ी विरोध हो रहा है और हिंसा भी जारी है.

सिंगूर में नैनो परियोजना पर काम चल रहा है

टाटा को नैनो कार परियोजना के लिए 997.11 एकड़ की ज़मीन दी गई है. इस परियोजना को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ जब सिंगूर के किसानों ने यह आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी कृषि ज़मीन उनसे जबरन ले ली है.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रही है.

टाटा ने अपनी नैनो कार इसी साल जनवरी में दिल्ली में हुए ऑटो एक्सपो में लाँच की थी. टाटा ने इस कार की क़ीमत सिर्फ़ एक लाख रुपए रखी है. जिसके कारण नैनो कार को लेकर लोगों में काफ़ी उत्साह है.

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