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चंद मिनटों में अरबों डॉलर का नुकसान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आवासीय ऋणों की वसूली से जूझ रही अमरीका की दो बड़ी मोर्गेज कंपनियों को बड़ा झटका लगा है.. इनके शेयरों में पचास फ़ीसदी तक की गिरावट आई है. इसके असर से यूरोपीय शेयर बाज़ार भी औंधे मुँह गिर गए. लंदन के एफटीएसई में लगभग ढाई फ़ीसदी की गिरावट देखी गई. वहीं जर्मनी और फ़्रांस के मुख्य शेयर बाज़ारों में भी ज़बर्दस्त गिरावट आई है. माना जा रहा है कि इसका असर पूरी दुनिया के शेयर बाज़ारों पर पड़ सकता है और जब सोमवार को एशियाई बाज़ार खुलेंगे ते वे भी इसकी ज़द में होंगे. जैसे ही ये ख़बर उड़ी कि फेडरल नेशनल मोर्गेज कॉर्पोरेशन यानी फ़ैनी मे और फेडरल होम लोन्स मोर्गेज कॉर्पोरेशन या फ़्रेडी मैक की खस्ताहाली के मद्देनज़र सरकार इनका नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है, वैसे ही निवेशकों में हड़कंप मच गया. इन दोनों कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों ने धाड़ाधड़ अपने शेयर बेचने शुरु कर दिए. फटा बुलबुला अमरीकी संपत्ति बाज़ार में पिछले कई वर्षों के दौरान आई तेज़ी का बुलबुला फटने से जो सबप्राइम संकट शुरु हुआ था, ये उसी की देन है. दरअसल घर ख़रीदने के लिए अमरीकियों ने लोन तो उठा लिए लेकिन उसकी अदायगी में उनके पसीने छूट गए. नतीज़तन बैंकों को ज़बर्दस्त घाटे का सामना करना पड़ रहा है.
शेयरों में आई गिरावट के बाद राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि ये दोनों प्रमुख अमरीकी संस्थान हैं और उनके आला अधिकारी मौजूदा संकट से उबरने पर काम कर रहे हैं. सरकारी नियंत्रण होने से इन कंपनियों में निवेश कर मोटा पैसा बना चुके शेयरधारकों की बनी बनाई पूँजी डूबने का ख़तरा पैदा हो सकता है. अमरीकी वित्त मंत्री हेनरी पॉल्सन ने कहा है कि उनका मुख्य ध्यान अभी फ़ैनी माय और फ़्रेडी मैक को संकट से उबारने पर है. मंदी का दौर अमरीकी प्रॉपर्टी बाज़ार में आए संकट से इस समय दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएँ संकट के दौर से गुज़र रही हैं.
अमरीका ही नहीं, चीन और भारत के शेयर बाज़ारों में बड़ी गिरावट आ चुकी है. इन दोनों मोर्गेज कंपनियों के महत्व का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये 120 खरब डॉलर के कारोबार से सीधी जुड़ी हुई हैं. यह आँकड़ा अमरीका भर में जितने होम लोन या मॉर्गेज दिए गए हैं उसका लगभग आधा है. यानि इससे अमरीका में बड़ा वित्तीय संकट आ सकता है. हालांकि अमरीका के वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन भरसक प्रयास कर रहे हैं कि इन दोनों कॉर्पोरेशन्स को बचाया जाए लेकिन अमरीकी बाज़ार में इन दोनों को लेकर भारी चिंता है. इन दोनों के शेयर लगभग आधी क़ीमत खो चुके हैं. भारत में ये ख़बर आने से पहले बाज़ार बंद हो चुका था लेकिन जानकारों का कहना है कि सोमवार को जब बाज़ार खुलते हैं तो इसका असर भारत के शेयर बाज़ारों पर भी हो सकता है. अमरीकी शेयर बाज़ारों में तो शुक्रवार को ही बड़ी गिरावट दर्ज हुई और फ़ैनी माय और फ़्रेडी मैक की ख़बर और तेल के बढ़ते दामों के चलते डाओ जोन्स लंबे समय बाद 11,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे चला गया. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका में मंदी के नए संकेत02 जुलाई, 2008 | कारोबार कच्चे तेल की क़ीमतें रिकॉर्ड ऊँचाई पर27 जून, 2008 | कारोबार अमरीका ढूँढ़ रहा है आर्थिक मंदी की जड़ें20 जून, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ारों में फिर तेज़ गिरावट28 जनवरी, 2008 | कारोबार भारतीय शेयर बाज़ार में गिरावट 03 जुलाई, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार पर भी महंगाई की मार27 जून, 2008 | कारोबार महँगाई के बोझ से लुढ़के शेयर बाज़ार20 जून, 2008 | कारोबार भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट09 जून, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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