|
भारतीय शेयर बाज़ार में गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय शेयर बाज़ार में बुधवार की उछाल के बाद आज फिर एक बार गिरावट देखी जा रही है. बुधवार को बाज़ार में तेज़ी देखी गई थी और इसमें 700 अंकों की उछाल थी लेकिन आज जब बाज़ार खुला तो आधे घंटे में ही इसमें 500 अंकों की गिरावट दर्ज़ की गई है. बांबे स्टॉक एक्सचेंज क़रीब चार प्रतिशत गिरकर 13,106 पर पहुंच गया है जबकि कल सूचकांक 13700 के आसपास बंद हुआ था. राष्ट्रीय संवेदी सूचकांक यानी निफ्टी में भी गिरावट है जो 3.75 प्रतिशत गिरकर चार हज़ार के नीचे आ गया है. विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी के कारण बाज़ार नीचे आया है. उल्लेखनीय है कि कच्चे तेल की क़ीमतें बढ़ कर पहली बार 145 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. हालांकि कुछ जानकारों के अनुसार राजनीतिक स्थिरता के मोर्चे पर बाज़ार को राहत मिली है. पिछले कुछ समय से सरकार गिरने के आसार लग रहे थे लेकिन समाजवादी पार्टी के समर्थन के अब सरकार स्थिर हो सकती है जिससे मार्केट भी स्थिर हो सकता है. इससे पहले जून महीने में महँगाई दर 11.42 प्रतिशत के स्तर को छू गई थी जिसके बाद बाज़ार गिरा था. उल्लेखनीय है कि पिछले छह महीनों में शेयर बाज़ार में आठ हज़ार अंकों से अधिक की गिरावट देखी गई है. जनवरी में बाज़ार जहां 21000 अंक तक पहुंच चुका है वो अब 13000 के आसपास है. जानकारों के अनुसार तेल की बढ़ती क़ीमतों के साथ साथ बढ़ती मंहगाई और राजनीतिक अनिश्चितता का असर मार्केट पर पड़ रहा है और इन चीज़ों पर नियंत्रण होते ही मार्केट अच्छी स्थिति में पहुंच सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें महँगाई के बोझ से लुढ़के शेयर बाज़ार20 जून, 2008 | कारोबार भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट09 जून, 2008 | कारोबार एशियाई शेयर बाज़ारों में कुछ सुधार18 मार्च, 2008 | कारोबार उतार-चढ़ाव के बाद 'सेंसेक्स' अदालत में 18 मई, 2008 | कारोबार भारत में महँगाई हुई 11.42 प्रतिशत27 जून, 2008 | कारोबार महँगाई सात साल के रिकॉर्ड स्तर पर13 जून, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||