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महँगाई सात साल के रिकॉर्ड स्तर पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताज़ा आंकडों के अनुसार भारत में महँगाई की दर 8.75 प्रतिशत हो गई है और ये पिछले सात साल का रिकॉर्ड स्तर है. दस फ़रवरी 2001 को महँगाई की दर 8.77 प्रतिशत थी. ताज़ा आंकडे 31 मई को ख़त्म हुए सप्ताह तक के हैं. इससे पहले 24 मई को ख़त्म हुए सप्ताह में यह दर 8.24 प्रतिशत थी. पर्यवेक्षकों के अनुसार हाल में महँगाई को रोकने के कई सरकारी प्रयास किए गए हैं, लेकिन ये सब विफल होते नज़र आ रहे हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद मुद्रास्फीति की दर नौ प्रतिशत या उससे भी आगे बढ़ सकती है. और कड़े क़दम संभव ग़ौरतलब है कि ताज़ा आँकड़ों के अनुसार विनिर्मित उत्पादों में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कि गई है, वहीं दूसरी ओर प्राथमिक समान के लिए यह वृधि 0.9 फीसद रही. पर्यवेक्षकों के अनुसार महँगाई को देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय रिज़र्व बैंक आने वाले दिनों में कुछ और कड़े क़दम उठा सकता है. अभी दो दिन पहले जून 11 को भारतीय रिज़र्व बैंक नें लगातार बढ़ रही महँगाई पर क़ाबू पाने की कोशिश में अल्पावधि ऋण की दर बढ़ा दी थी. बैंक ने अल्पावधि ऋण दर यानी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की थी. इससे ब्याज़ की दर 7.75 प्रतिशत से बढ़कर 8.00 प्रतिशत हो गई. रेपो रेट में ये वृद्धि पिछले एक साल से ज़्यादा समय में हुई थी. भारतीय अर्थव्यवस्था एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और सरकारी आँकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2007-08 में अर्थव्यवस्था नौ प्रतिशत की दर से बढ़ी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें बजट- 2008-0928 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना भारतीय अर्थव्यस्था07 जून, 2007 | पहला पन्ना बजट- 2007-0827 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलू07 मई, 2006 | पहला पन्ना कैसी रही अर्थव्यवस्थाकारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था का सफ़रकारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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