|
भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कच्चे तेल की क़ीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी के कारण भारतीय शेयर बाज़ारों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 500 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ. एक समय सेंसेक्स 700 अंक गिर गया था. इसके बाद इसमें थोड़ा सुधार आया और दोपहर तक ये 511 अंक गिरकर 15060 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. दिन का कारोबार ख़त्म होने पर सूचकांक 15066.10 पर बंद हुआ. जानकारों का कहना है कि प्रॉपर्टी और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स आधे घंटे के कारोबार में ही 500 अंक लुढ़क गया था. सोमवार के बाज़ार खुलते ही कुछ ही समय बाद सेंसेक्स 707 अंक गिरकर 14846 के स्तर पर चला गया था. निफ़्टी में भी गिरावट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ़्टी में भी लगभग 127 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. एक समय निफ़्टी वर्ष 2008 के अपने न्यूनतम स्तर पर आ गया था. विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती तेल कीमत, अनियंत्रित महंगाई और भारतीय रिज़र्व बैंक द्रिक नीति को और कड़ा करने के संकेत से बाज़ार पर नकारात्मक असर पड़ा. केंद्र सरकार के तेल कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद पिछले सप्ताह भी बाज़ार में 10 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी. भारतीय बाज़ारों के अलावा लगभग सभी एशियाई शेयर बाज़ारों में भी कमजोर देखी गई. ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को अमरीकी बाज़ार में डाओ जोंस लगभग 400 और नैस्डेक 75 अंक गिरा था. |
इससे जुड़ी ख़बरें तेल के भाव सातवें आसमान पर06 जून, 2008 | कारोबार ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा08 जून, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार ने लगाया गहरा गोता07 मार्च, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार में रिकॉर्ड गिरावट03 मार्च, 2008 | कारोबार गिरावट के साथ बंद हुए शेयर बाज़ार31 जनवरी, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार में फिसलन के मायने26 जनवरी, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||