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शेयर बाज़ार पर भी महंगाई की मार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में लगातार बढ़ती महंगाई का असर शेयर बाज़ार पर भी दिखने लगा है. शुक्रवार को मुद्रा स्फ़ीति की दर बढ़कर 11.42 के स्तर तक पहुँच गई. शेयर बाज़ार पर इस ख़बर का उलटा असर पड़ा है. शुक्रवार को मुंबई शेयर बाज़ार में 619 अंकों की गिरावट आई और सूचकांक 14 हज़ार के नीचे पहुँच गया. दिन का कारोबार ख़त्म होने पर सूचकांक 13,802 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भी गिरावट का दौर देखा गया. निफ़्टी 179 अंक गिरकर 4136 पर बंद हुआ. निफ़्टी में ये गिरावट चार प्रतिशत की रही. असर मुद्री स्फ़ीति के बढ़ने की ख़बर से बाज़ार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया. साथ की तेल की बढ़ती क़ीमतें और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की ख़राब स्थिति ने भी बाज़ार पर असर डाला. शेयर बाज़ार में शुरुआत गिरावट से ही हुई लेकिन दोपहर के कारोबार में बाज़ार थोड़ा संभला और आख़िरकार 619 अंक नीचे गिरकर ही बंद हुआ. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की बढ़ती क़ीमत की ख़बर ने भी बाज़ार पर नकारात्मक असर डाला. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमत 141.71 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गई है. शुक्रवार के कारोबार में सबसे ज़्यादा नुक़सान टाटा मोटर्स को हुआ. इसके शेयर की क़ीमत आठ फ़ीसदी गिरकर 449 रुपए तक पहुँच गई. | इससे जुड़ी ख़बरें कच्चे तेल की क़ीमतें रिकॉर्ड ऊँचाई पर27 जून, 2008 | कारोबार भारत में महँगाई हुई 11.42 प्रतिशत27 जून, 2008 | कारोबार महँगाई पर क़ाबू पाने की कोशिश24 जून, 2008 | कारोबार वोडाफ़ोन लड़ेगा कर भुगतान की लड़ाई23 जून, 2008 | कारोबार बाल मज़दूरों के इस्तेमाल का सवाल22 जून, 2008 | कारोबार 'तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश ज़रूरी'22 जून, 2008 | कारोबार बढ़ती क़ीमतों पर चिदंबरम की सलाह22 जून, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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