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वोडाफ़ोन लड़ेगा कर भुगतान की लड़ाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फ़ोन सेवा देने वाली प्रमुख ब्रितानी कंपनी वोडाफ़ोन पर दो अरब डॉलर यानी क़रीब 80 अरब रुपए की कर राशि बकाया है. उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष मार्च में वोडाफ़ोन ने भारत में मोबाइल सेवा देने वाली कंपनी हचिसन-एस्सार का एक बड़ा हिस्सा ख़रीदा था. अधिकारियों का कहना है कि हचिसन-एस्सार कंपनी भारत में स्थित है और 11 अरब 10 करोड़ डॉलर के इस समझौते पर कंपनी को मिले पूंजीगत लाभ की राशि पर जो कर बनता है उसे कंपनी ने नहीं चुकाया है. जब किसी निवेश की अवधि एक वर्ष हो जाती है तब उस निवेश पर जो लाभ होता है वह पूंजीगत लाभ की श्रेणी में आता है. हालांकि वोडाफ़ोन का कहना है कि यह समझौता ऐसी कंपनियों के बीच हुआ था जो भारतीय कंपनी नहीं हैं. भारतीय कर विभाग ने समझौते के संबध में कंपनी से जो जानकारी के लिए निवेदन किया है उस पर कंपनी तत्काल रोक चाहती है. वोडाफ़ोन का कहना है कि चूंकि यह समझौता हालैंड में पंजीकृत वोडाफ़ोन और केयमैन आइलैंड्स में पंजीकृत हचिसन कंपनी के बीच हुआ था इसलिए यह समझौता भारतीय अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है. भारत में वोडाफ़ोन की सेवा लेने वाले उपभोक्ताओं का हाल में काफ़ी विस्तार हुआ है. कंपनी का कहना है कि वर्ष 2010 तक वह भारत में मोबाइल सेवा देनी वाली कंपनियों में सबसे ऊपर पहुँचना चाहती है. वोडाफ़ोन के एक प्रवक्ता के मुताबिक सोमवार को मुंबई में इस मामले की पहली सुनवाई होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें वोडाफ़ोन ने भारती में हिस्सेदारी ख़रीदी28 अक्तूबर, 2005 | कारोबार 'एस्सार और हिस्सा पाने की कोशिश में'28 दिसंबर, 2006 | कारोबार वोडाफ़ोन की झोली में गया हच11 फ़रवरी, 2007 | कारोबार एस्सार का हिस्सेदारी छोड़ने से इनकार16 फ़रवरी, 2007 | कारोबार अरुण सरीन अपना पद छोड़ेंगे27 मई, 2008 | कारोबार वोडाफ़ोन और रिलायंस के बीच मुक़ाबला21 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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