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महंगाई दर पाँच साल में सबसे कम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फल, सब्ज़ी और दालों के भावों में आई कमी के कारण भारत में महंगाई की दर पाँच साल में सबसे कम स्तर पर पहुँच गई है. छह अक्तूबर को ख़त्म हुए सप्ताह के अंत में महंगाई की दर 3.07 प्रतिशत तक पहुँच गई थी. पिछले साल इसी सप्ताह महंगाई की दर 5.36 प्रतिशत थी. लेकिन अभी महंगाई की दर में जो गिरावट आई है वह रिज़र्व बैंक के अनुमानों से काफ़ी कम है. रिज़र्व बैंक ने अप्रैल 2008 तक के लिए महंगाई दर पाँच प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा था. माना जा रहा है कि इन आँकड़ों के बाद रिज़र्व बैंक 30 अक्तूबर को ऋण नीति की अर्धवार्षिक समीक्षा के दौरान ब्याज़ दरों में कटौती की घोषणा कर सकता है. इस बीच फल और सब्ज़ियों और कुछ खाद्यान्नों की क़ीमतों में चार प्रतिशत की गिरावट आई है. जबकि अंडे और मछली के दाम एक प्रतिशत कम हुए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की बढ़ती क़ीमतों और धातु के चढ़ते बाज़ार के कारण फिर से महंगाई की दर बढ़ने के आसार से इनकार नहीं किया जा सकता. भारत में खुदरा मूल्य सूचकांक की तुलना में थोक मूल्य सूचकांक पर ज़्यादा नज़र ऱखी जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें सूचकांक शुक्रवार को भी गिरा19 अक्तूबर, 2007 | कारोबार चढ़ता गिरता भारतीय शेयर बाज़ार18 अक्तूबर, 2007 | कारोबार सेंसेक्स ने 19 हज़ार का रिकॉर्ड बनाया15 अक्तूबर, 2007 | कारोबार 'महँगाई हो सकती है हार की वजह'06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस बजट में महंगाई और कृषि पर ज़ोर28 फ़रवरी, 2007 | कारोबार 'महंगाई के ख़िलाफ़ आंदोलन होगा'04 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस महंगाई घटाने के लिए आयात की छूट22 जून, 2006 | भारत और पड़ोस तेल की क़ीमतों को लेकर चिंता22 अप्रैल, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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