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'महंगाई के ख़िलाफ़ आंदोलन होगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र की यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि वे मूल्यवृद्धि के ख़िलाफ़ 13 से 19 जुलाई तक देशव्यापी आंदोलन करेंगे. वामदलों ने चिंता ज़ाहिर की है कि केंद्र सरकार ने मूल्यवृद्धि रोकने के लिए क़दम नहीं उठाए और इससे ग़रीब लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. मंगलवार को हुई एक अहम बैठक के बाद वामपंथी दलों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि खाद्य नीति के साथ जो छेड़छाड़ की है उसकी वजह से गेहूँ आयात करना पड़ रहा है. उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की असफलता के लिए भी केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है. वामपंथी दलों ने केंद्र सरकार से माँग की है वह तुरंत ही अनाज और दालों की अग्रिम ख़रीदी पर रोक लगाए. उन्होंने जमाखोरी पर भी अंकुश लगाने की माँग की है. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में विनिवेश का भी विरोध किया है और आंदोलन करने वाले कर्मचारियों के प्रति समर्थन जताया है. वामपंथी नेताओं ने कहा है कि इन उपक्रमों में विनिवेश न्यूनतम साझा कार्यक्रम का उल्लंघन हैं. इस बैठक में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव एबी बर्धन के अलावा सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और फॉर्वर्ड ब्लॉक और आरएसपी के नेताओं ने भाग लिया. | इससे जुड़ी ख़बरें महंगाई घटाने के लिए आयात की छूट22 जून, 2006 | भारत और पड़ोस तेल की बढ़ती क़ीमतों पर मसला16 जून, 2006 | भारत और पड़ोस तेल मूल्य वृद्धि के ख़िलाफ़ हड़ताल13 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'मूल्य वृद्धि वापस लेनी होगी'11 जून, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन सरकार ने दो साल पूरे किए22 मई, 2006 | भारत और पड़ोस यूपीए पर वामपंथी दलों का दबाव बढ़ेगा11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल, केरल में वाम मोर्चा11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस यूपीए और वामदलों के बीच अहम चर्चा13 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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