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चढ़ता गिरता भारतीय शेयर बाज़ार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय शेयर बाज़ार में विदेशी निवेश पर रोक लगाने संबंधी योजना की ख़बरों के बाद में एक बार फिर भारी गिरावट आई है. गुरुवार को जब शेयर बाज़ार बंद हुआ तो उसमें चार प्रतिशत की गिरावट थी जबकि दिन में यह 19 हज़ार से अधिक अंकों तक चला गया था. गुरूवार को बाज़ार शुरु हुआ 18,715 पर और दिन भर में 717 अंक गिरने के बाद 17,998 पर बंद हुआ. दिन में सेंसेक्स एक समय 19,198 तक पहुंच गया था. बुधवार को एक समय ऐसा आया था जब इंडेक्स नौ प्रतिशत गिर गया था. तब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि किसी को चिंतित होने की ज़रुरत नहीं है. इक्विटी मार्केट के जानकार अपूर्व साह कहते हैं कि निवेशकों में कुछ सरकारी प्रस्तावों के कारण अफ़रा तफ़री मच गई थी. वो कहते हैं कि आने वाले दिनों में मार्केट और गिर सकता है. बुधवार को सेबी ( शेयर बाज़ार की नियामक संस्था ) ने पार्टिसिपेटरी नोट्स पर रोक संबंधी कुछ सिफ़ारिशें की थीं जिसके बाद बाज़ार गिर गया था. चढ़ते गिरते बाज़ार के बारे में यह चिंता भी जताई जा रही है कि इसमें कुछ ऐसी फर्में निवेश कर रही हैं जो पंजीकृत नहीं हैं. हालांकि इन सबके बावजूद वित्त मंत्री ने साफ़ कहा था कि विदेशी निवेश पर रोक नहीं लगाई जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारतीय शेयर बाज़ार ऐतिहासिक ऊँचाई पर13 अक्तूबर, 2006 | कारोबार सेंसेक्स पर विदेशी बाज़ारों का असर30 नवंबर, 2006 | कारोबार सेंसेक्स के लिए काला सोमवार11 दिसंबर, 2006 | कारोबार शेयर बाज़ार में आई गिरावट19 दिसंबर, 2006 | कारोबार नेशनल एक्सचेंज में अमरीकी हिस्सेदारी10 जनवरी, 2007 | कारोबार दुनिया के शेयर बाज़ार फिर गिरे01 मार्च, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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