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अफ़्रीका में मची मोबाइल की धूम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़्रीका में मोबाइल फ़ोन का प्रचलन लगातार जोर पकड़ता जा रहा है और पिछले छह साल में इसके कारोबार में 10 से 12 गुना बढ़ोत्तरी हुई है. रोज़ाना हज़ारों की संख्या में लोग मोबाइल फ़ोन ख़रीद रहे हैं और अफ़्रीका में अपनी सेवाएं दे रहे ऑपरेटर लोगों की माँग को पूरा करने की कोशिश में जुटे हैं. नए ग्राहकों को इसकी खास परवाह नहीं है कि मोबाइल लेते वक्त उन्हें कितना एयरटाइम मिल रहा है, बस वे तो महाद्वीप में चल रही इस ‘मोबाइल क्रांति’ का हिस्सा बनने को बेताब हैं. पूर्वी अफ़्रीका से बीबीसी संवाददाता एडम माइनॉट का कहना है कि अफ़्रीकियों के लिए मोबाइल संपर्क के साधन से बढ़कर काम कर रहा है. कीनिया के अग्रणी मोबाइल ऑपरेटर सफारीकॉम के प्रबंध निदेशक माइकल जोसेफ़ कहते हैं, “कोई नहीं जानता कि वास्तव में अफ़्रीका में इस वक्त कितने लोगों के पास मोबाइल है. यह आँकड़ा आठ से दस करोड़ के बीच होना चाहिए. वर्ष 2000 में महाद्वीप में मोबाइल सेवा के सिर्फ़ 80 लाख ग्राहक थे.” उनका कहना है कि मोबाइल की लोकप्रियता में वृद्धि के कारण इसकी बिक्री तेजी से बढ़ी है, ऐसे में ग्राहकों की वास्तविक संख्या जानना मुश्किल है. लैंडलाइन नेटवर्क अफ़्रीका में मोबाइल सेवा के प्रसार में तेजी की प्रमुख वजह वहाँ फिक्स्ड लाइन नेटवर्क का कमजोर होना है. महाद्वीप का सिर्फ़ तीन फ़ीसदी हिस्सा ही लैंडलाइन से जुड़ा है. लेकिन अब इन स्थानों के लोग अलग-थलग नहीं हैं और मोबाइल के ज़रिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं. कीनिया की राजधानी नैरोबी के बाज़ारों में कलाकृतियाँ बेचने वाले जोसेफ़ किमोंडो कहते हैं, “मेरा मोबाइल ही मेरा ऑफिस है. मैं कलाकृतियां इकट्ठा करता हूँ, आपूर्तिकर्ताओं से बात करता हूँ और जो मैं चाहता हूँ, वे मुझे भेज देते हैं.” लोगों में मोबाइल की चाहत इस कदर है कि वे प्रीपेड का स्क्रेचकार्ड ख़रीदने के लिए अपनी पसंदीदा बीयर और सिगरेट तक छोड़ रहे हैं. सफारीकॉम के माइकल जोसेफ़ कहते हैं, "उनके पास विकल्प है. अपनी रकम बीयर या सिगरेट पर फूँक दें या फिर स्क्रेचकार्ड ख़रीद लें. इसलिए हमारा सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी कोई दूसरा मोबाइल ऑपरेटर नहीं, बल्कि बीयर और सिगरेट निर्माता कंपनियां हैं.” अफ़्रीका में अब हर सौ लोगों में से लगभग 15 के पास मोबाइल फ़ोन है, जबकि पश्चिमी यूरोप में हर सौ लोगों के पास 118 मोबाइल फ़ोन हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मोबाइल फोन का बढ़ता बाज़ार06 अक्तूबर, 2006 | कारोबार लैंडलाइन से ज़्यादा होंगे मोबाइल फ़ोन03 जुलाई, 2004 | कारोबार भारत में मोबाइल फ़ोन का बोलबाला09 नवंबर, 2004 | कारोबार मोबाइल में ही मिलेगा सब कुछ28 अप्रैल, 2005 | कारोबार वोडाफ़ोन ने भारती में हिस्सेदारी ख़रीदी28 अक्तूबर, 2005 | कारोबार लेबनान में संघर्ष से मोटोरोला को नुक़सान05 अगस्त, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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