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बीटी और कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटिश टेलिकॉम (बीटी) भारत में अपने कारोबार को और फैलाने के लिए अगले दो साल में छह हज़ार अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा. बीटी ने भारत में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय फ़ोन लाइसेंस के लिए आवेदन किया है जिसके बाद कंपनी पहली बार ग्राहकों को सीधे तौर पर अपनी सेवाएँ दे सकेगी. भारतीय बाज़ार में नई संभावनाएं तलाश करने के लिए बीटी ने एक भारतीय कंपनी ज्यूबिलेंट एनप्रो के साथ गठजोड़ भी किया है. बीटी क़रीब 20 सालों से भारत से सेवाएँ दे रही है लेकिन अभी वह कुछ घरेलू ऑपरेटरों के ज़रिए ही अपनी सेवाएँ प्रदान कर रही है. लक्ष्य भारत में पहले से ही बीटी के लगभग 12 हज़ार कर्मचारी हैं. ताज़ा फ़ैसले को कंपनी ने एक 'महत्वपूर्ण क़दम' बताया है. कंपनी की अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी ग्रीन ने कहा, "इन लाइसेंसों के मिलने और योजनाबद्ध निवेश से हम बॉस्टन और मैड्रिड की तरह बंगलौर और मुंबई में भी उच्चस्तरीय सेवाएँ प्रदान कर सकेंगे." भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते दूरसंचार (टेलिकॉम) बाज़ारों में से एक है लेकिन यहाँ का बाज़ार छोटे-छोटे हिस्सों में बँटा हुआ है और सेवा के स्तर भी अलग-अलग हैं. बीटी के मुताबिक़ भारत में कंपनी वर्ष 2009 तक 25 करोड़ डॉलर का कारोबार कर पाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारतीय कंपनी काम देखेगी बीबीसी का20 अक्तूबर, 2006 | कारोबार अवीवा 1000 नौकरियाँ भारत ले जाएगी14 सितंबर, 2006 | कारोबार आर्थिक संभावनाओं से पिघल रही है बर्फ़28 फ़रवरी, 2006 | कारोबार सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर28 जुलाई, 2006 | कारोबार दुख सुख बाँटने की आउटसोर्सिंग16 अगस्त, 2005 | कारोबार विप्रो के आउटसोर्सिंग प्रमुख का इस्तीफ़ा30 जून, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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