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टाटा ग्रुप अरबों डॉलर का निवेश करेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप ने अगले तीन से पाँच वर्षों के दौरान भारत और भारत से बाहर 26 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है. कंपनी का कहना है कि निवेश इंजीनियरिंग के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र और उपभोक्ता सामग्री बनाने में भी होगा. टाटा ग्रुप का कहना है कि कंपनी भारत से बाहर चाय, स्टील, सूचना प्रौद्योगिकी और होटल में भी निवेश करेगी. टाटा ग्रुप में 90 से ज़्यादा कंपनियाँ हैं. पिछले साल इस ग्रुप की कंपनियों ने 22 अरब डॉलर से ज़्यादा का उत्पादन किया था. भारत के बाहर इस ग्रुप की पहचाना टेटली टी के अधिग्रहण के कारण है. ये अधिग्रहण वर्ष 2000 में हुआ था. निवेश साथ ही इस ग्रुप की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ भारत की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी है. हाल के वर्षों में इस ग्रुप ने भारत के अलावा विदेशों में भी काफ़ी निवेश किया है. इस सप्ताह के शुरू में इस ग्रुप ने बोतलबंद पानी तैयार करने वाली अमरीकी कंपनी ग्लासो में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी क़रीब 68 करोड़ डॉलर में ख़रीदी है. पिछले साल इस ग्रुप ने ईरान में 1.1 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी. कंपनी की योजना ईरान में तीन स्टील प्लांट लगाने की है. लेकिन जुलाई में बांग्लादेश सरकार की ओर से की जा रही देरी के कारण टाटा ग्रुप ने वहाँ तीन अरब डॉलर के निवेश पर काम रोक दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें टाटा की बांग्लादेश परियोजना स्थगित10 जुलाई, 2006 | कारोबार टाटा बताएँगे निवेश बढ़ाने के उपाय24 मार्च, 2006 | कारोबार उड़ीसा में स्टील फ़ैक्ट्रियों पर बवाल26 फ़रवरी, 2006 | कारोबार बाज़ार में टीसीएस का धमाकेदार प्रवेश25 अगस्त, 2004 | कारोबार अर्थव्यवस्था में जान फूँकेंगेः मनमोहन24 अगस्त, 2004 | कारोबार टाटा स्टील ने सिंगापुर की कंपनी ख़रीदी16 अगस्त, 2004 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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