|
टाटा स्टील ने सिंगापुर की कंपनी ख़रीदी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की जानी-मानी इस्पात कंपनी टाटा स्टील अपना कारोबार फैलाने जा रही है और जल्दी ही सात देशों में उसके कारख़ाने नज़र आएँगे. इन देशों में चीन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी शामिल हैं. टाटा स्टील ने सिंगापुर की एक कंपनी नैटस्टील को ख़रीद लिया है जिसके कारख़ाने चीन, थाईलैंड, वियतनाम और ऑस्ट्रेलिया में स्थित हैं. भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी टाटा ने लगभग 50 करोड़ डॉलर( 48 करोड़ 60 लाख डॉलर) देकर नैटस्टील को ख़रीदा है. नैटस्टील हर साल 20 लाख टन से अधिक इस्पात का उत्पादन करती थी. विश्लेषकों की राय है कि नैटस्टील का कारोबार हाथ में लेने से टाटा को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पाँव पसारने में काफ़ी सहायता मिलेगी क्योंकि चीन दुनिया का सबसे बड़ा इस्पात उपभोक्ता है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने टाटा स्टील के महाप्रबंधक बी मुथुरामन के हवाले से बताया है कि नैटस्टील के अधिग्रहण की आवश्यक औपचारिकताएँ पाँच-छह महीने में पूरी हो जाएँगी. उन्होंने बताया कि नैटस्टील के अधिग्रहण के साथ ही टाटा की पहुँच मलेशिया की कंपनी सदर्न स्टील बर्हड में भी हो जाएगी क्योंकि नैटस्टील के पास इस मलेशियाई कंपनी के 26 प्रतिशत शेयर हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||